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Friday, May 30, 2025

ठगी का जाल, फिर भी बचा लाल, जब चित्रकूट साइबर सेल बना ढाल

वापस कराए लगभग दो लाख रूपए

चित्रकूट पुलिस का डिजिटल कमाल

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । आज के डिजिटल युग में जब हर व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से वैश्विक संपर्क साध रहा है, वहीं यही उपकरण कभी-कभी जीवन की पूँजी को भी लील लेता है। इंटरनेट की इस अपार सुविधा ने जहां एक ओर जीवन को सहज बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध जैसे संकट ने आमजन को भयाक्रांत कर दिया है। ऐसे ही धोखे के शिकार हुए चित्रकूट जनपद के छह नागरिकों को जब ऑनलाइन ठगी के चलते लगभग दो लाख पाँच हजार छह सौ निन्यानवे रुपये की हानि हुई, तब उनकी सहायता के लिए एक प्रहरी बनकर सामने आई चित्रकूट पुलिस।

एसपी चित्रकूट अरुण कुमार सिंह

एसपी अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन व एएसपी सत्यपाल सिंह के पर्यवेक्षण में, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक निशीकान्त राय एवं उनकी टीम- आरक्षी सर्वेश कुमार व प्रशांत कुमार- ने अथक परिश्रम से सभी पीड़ितों की धनराशि उन्हें सकुशल वापस दिलाई। यह कार्य न केवल तकनीकी दक्षता का परिचायक है, बल्कि यह भरोसे के पुनर्निर्माण का उदाहरण भी है। साइबर सेल ने आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम पिन, सीवीवी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। कोई भी ऑफर, बोनस प्वाइंट, कैशबैक, या क्रिप्टो में दो गुना पैसा कमाने की बात केवल धोखे का जाल होती है। साथ ही, किसी धमकी या फर्जी कॉल से डरकर पैसे न भेजें। ठगी होने पर तुरंत 1930 टोल फ्री नंबर पर या अॅाफीसियल पोर्टल पर रिपोर्ट करें।


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