शौचालय व कूलर की दशा चिंताजनक
संवेदनाओं के केंद्र में अनियमितता की सेंध
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जब प्रशासनिक संवेदनशीलता और विधिक जागरूकता एक राह पर चलें, तो लापरवाही की दीवारें दरकना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्तएक्शन प्लान के क्रम में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट के अध्यक्ष/जिला जज राकेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में, सचिव श्रीमती वर्णिका शुक्ला ने वन स्टॉप सेंटर, गढ़ीवा का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के दायरे में बंधे उस केंद्र की पड़ताल थी, जहां पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, परामर्श, चिकित्सा और कानूनी सहायता मिलती है।
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| वन स्टॉप सेंटर के औचक निरीक्षण में मौजूद अधिकारीगण |
निरीक्षण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 10 में से 3 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। संस्था प्रमुख ने उन्हें आकस्मिक अवकाश पर बताया, किंतु निरंतर अनुपस्थिति पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है। सुरक्षाकर्मियों की स्थिति रोस्टर के अनुरूप तो रही, लेकिन एक महिला गार्ड पांच दिन के अवकाश पर, जबकि दूसरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजे जाने की जानकारी दी गई। केंद्र में दो बालिकाएँ पंजीकृत मिलीं, जिनमें से एक बयान हेतु, और दूसरी उम्र सत्यापन के लिए बाहर भेजी गई थी। लेकिन जब शौचालय की तरफ रुख किया गया, तो साफ-सफाई की सूरत ने नाक-भौं सिकोड़ने पर मजबूर कर दिया। सिस्टर्न से पानी टपक रहा था, और चार में से एक कूलर खराब मिला। इस लापरवाही पर सचिव महोदया ने केंद्र प्रभारी को तत्काल मरम्मत और सफाई के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण में श्रीमती रंजीता द्विवेदी (केन्द्र प्रभारी), श्रीमती अर्चना साहू (काउंसलर), श्रीमती पुष्पा देवी (पैरामेडिकल नर्स), और श्रीमती उपासना (अधिकार मित्र) मौजूद रहीं।


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