गैरहाजिर अधिशासी अभियंता का वेतन रोका
निर्माण कार्यों की सुस्ती व आंकड़ों की अनदेखी पर कसा शिकंजा
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (आयुष एवं खाद्य सुरक्षा तथा औषधि प्रशासन) रंजन कुमार ने नीति आयोग के इंडिकेटर्स की समीक्षा बैठक में लापरवाही और सुस्ती के खिलाफ जबरदस्त प्रहार कर दिया। नीति आयोग से प्राप्त फंड के उपयोग और प्रगति पर जब प्रश्न उठे, तो अफसरशाही के गलियारों में हलचल मच गई। बैठक में जब ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता गैरहाजिर मिले, तो प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से स्पष्ट कहा कि इस माह का वेतन रोका जाए और चार्जशीट दी जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में लचर प्रगति पर तीखा असंतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने विद्यालय सौंदर्यीकरण, फसल बीमा, कौशल विकास, पोषाहार वितरण, और बेरोजगारी
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| अधिकारियों के साथ बैठक लेते प्रमुख सचिव |
प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जमकर फटकार लगाई। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल, वन, नगर निकाय, लघु सिंचाई समेत सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि प्रगति पोर्टल पर अपलोड हो और जमीनी हकीकत पर खरा उतरें। चित्रकूट आकांक्षी जिला है, यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि इसकी रैंकिंग नीचे न जाए-यह बात उन्होंने स्पष्ट और दृढ़ स्वर में कही। बैंकों द्वारा किसानों को दिए गए ऋण की पारदर्शिता, योजनाओं की गुणवत्ता जांच, फोटोग्राफिक साक्ष्य और प्रशिक्षण की प्रभावशीलता- हर पहलू को प्राथमिकता पर रखा गया। वहीं जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्रमुख सचिव के निर्देशों का अक्षरशः पालन होगा।


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