चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए.एस.आई.) द्वारा संरक्षित स्मारक भर देउल मंदिर बरहा कोटरा तथा ऋषियन आश्रम के नाम से प्रसिद्ध दो विशाल गुफाओं का जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्मारकों की वर्तमान स्थिति, संरक्षण की आवश्यकताओं एवं आगंतुक सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। बरहा कोटरा में पुरातत्व विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही संरक्षण एवं सुव्यवस्था के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि स्मारक स्थलों पर सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाए तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएं। पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के समुचित उपाय करते हुए संरक्षण मानकों के अनुरूप रखरखाव से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपादित किया जाए। निर्देश दिए कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रभावी रूप से हो सके और आमजन एवं पर्यटकों को बेहतर
अनुभव प्राप्त हो। डीएम ने संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बनाकर समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने तथा संरक्षण कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि जनपद की पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर उप जिलाधिकारी मऊ रामऋषि रमन, क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली, कार्यदायी संस्था के सहायक परियोजना प्रबंधक सहित अभियंता आदि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने ऋषियन आश्रम में संचालित पर्यटन विकास कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों ने डीएम को बताया कि ऋषियन आश्रम में पर्यटन विभाग द्वारा कुल 126.95 लाख रुपये की लागत से यात्री निवास, टॉयलेट ब्लॉक, घाट, इंटरलॉकिंग टाइल, हॉर्टिकल्चर, आरसीसी बेंच, डस्टबिन तथा मंदिर के पास स्टोन फ्लोरिंग के कार्य प्रस्तावित हैं। बताया कि यह निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल निर्माण इकाई बाँदा द्वारा कराया जा रहा है। इस दौरान डीएम ने यात्री निवास, टॉयलेट ब्लॉक, घाट, ड्रिंकिंग वॉटर, हैंड वॉश एवं साइट डेवलपमेंट से संबंधित कार्यों का फिनिशिंग कार्य प्रगति पर पाया गया। डीएम ने कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता एवं सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया कि समस्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। घाट के पास बनाए गए तालाब का निरीक्षण कर डीएम ने खंड विकास अधिकारी मऊ को तालाब की खुदाई कराकर सौंदर्यीकरण का कार्य कराने के निर्देश दिए। निर्देशित किया कि पर्यटन विकास से जुड़े समस्त कार्य शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएँ, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।


No comments:
Post a Comment