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Thursday, January 15, 2026

पूर्व विधायक युवराज ने संस्कारों को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताया

बांदा, के एस दुबे - माँ की गोद संस्कारशाला के तत्वावधान में स्वर्गीय सावित्री सिंह की पाँचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर नगर के नटराज संगीत महाविद्यालय, कालू कुॅंआ, बांदा में संस्कार विचार गोष्ठी एवं काव्यांजलि समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक युवराज सिंह ने स्व० सावित्री सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कार ही भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा हैं। उन्होंने नई पीढ़ी के जागरण हेतु पारंपरिक मूल्यों और संस्कारों को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।


इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष  प्रद्युम्न कुमार दुबे उर्फ लालू भैया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुऐ संस्कारित परिवारों की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति की रीढ़ बताया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के प्रदेशीय सदस्य एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष  लवलेश सिंह ने संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख बड़ोखर खुर्द स्वर्ण सिंह सोनू ने भी संस्कारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक समाज की महती आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम में नगर के प्रख्यात कवियों ठाकुर दास शर्मा "पंछी ", पूजा त्रिवेदी, अनिल द्विवेदी, संतोष कुमार वैश्य, गोपाल दास गुप्ता "साथी ", राहुल जैन, रोशन लाल, छेदीलाल पटेल, आशु कवि अजय शर्मा, आर सी  योगा आदि ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व जिला क्रीड़ा अधिकारी  सबल सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में संस्कारों की अनिवार्यता पर अपने विचार रखे। राजयोगी इं० ओमप्रकाश मसुरहा ने आत्मा और परमात्मा के संबंध को अत्यंत रोचक एवं बोधगम्य शैली में प्रस्तुत किया।

नटराज संगीत महाविद्यालय के प्रबंधक तथा कलार्पण भारत के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धनंजय सिंह ने कहा कि अगला लक्ष्य “100 संस्कार मित्रों” के माध्यम से शिक्षण संस्थानों एवं ग्रामों को संस्कारित करने का है, जिससे सामाजिक चेतना का विस्तार हो सके।

कार्यक्रम में नगर के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कवियों , समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। जिनमें फूल सिंह जादौन, नरेन्द्र सिंह परिहार, गोविंद सिंह कछवाह , प्रदीप द्विवेदी,  उदय प्रताप सिंह  डेविड, कीर्ति सिंह, वंश प्रताप सिंह, अंशु सिंह, सत्यम सिंह, दिव्यांश सिंह, अरविंद सिंह,  डॉ. जगनायक सिंह यादव, अशोक कुमार शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह बुंदेला, शांति भूषण सिंह गौर, डॉ. जगरूप सिंह परिहार, पतिराखन  सिंह चंदेल, विश्वनाथ सिंह, बृज गोपाल सिंह, महेश गर्ग, राज बहादुर गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, अजय सिंह चंदेल, भारतीय सेना के डी सी श्रीवास्तव, शिवकुमार गुप्ता, राम केदार द्विवेदी, दीनदयाल सोनी, पंडित बृजेश त्रिपाठी, नवीन निगम, महेश पाल, डॉ. देवी सिंह , पुष्पेंद्र सिंह पटेल, राम सिंह कछवाह, बलराम सिंह, रमजोर  सिंह चंदेल,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक  सुरेंद्र कुमार पाठक, राहुल जैन, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष  राजकुमार राज , रोशन लाल, गजराज सिंह, छेदीलाल पटेल, अशोक कुमार त्रिपाठी, अंशुमान त्रिपाठी, दिव्यांश द्विवेदी, बृजेश गुप्ता, गुलाब सिंह, पूरन गोयल,  योगेंद्र सिंह, अभिनव सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. इंद्रवीर सिंह जादौन एवं आर.सी. योगा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि युवराज सिंह ने सभी कवियों को अंगवस्त्र तथा लक्ष्मी नारायण का चित्र भेंटकर सम्मानित किया।

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