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Monday, August 10, 2026

1.80 लाख ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

 बांदा में योगी सरकार का महा-अभियान, 1.80 लाख ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

योगी सरकार का ग्रामीण विकास पर बड़ा फोकस, बांदा में चल रहा विशेष सोशल मोबिलाइजेशन अभियान

हर ग्राम पंचायत में युद्ध स्तर पर गठित होंगे नए स्वयं सहायता समूह

राशन कार्ड धारकों को सीधे समूहों से जोड़कर दी जाएगी आजीविका

बांदा, के एस दुबे । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के कल्याण को लेकर कई योजनाओं को चला रही है। गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ बांदा जिले में 20 अगस्त तक विशेष सोशल मोबिलाइजेशन अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर ग्राम पंचायत में नए स्वयं सहायता समूहों का गठन करना और गरीब परिवारों को आजीविका के सीधे


साधन उपलब्ध कराना है।


राशन कार्ड धारकों को मिलेगा सीधा रोजगार

योगी सरकार की दूरदर्शी सोच के तहत अब राशन कार्ड धारकों को सीधे स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर मजबूत किया जाएगा। इस महा-अभियान के तहत बांदा के सभी 8 ब्लॉकों में कुल 1.80 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ब्लॉकवार जिम्मेदारी तय की गई है। जिसमें महुआ में 27000, नरैनी में 32000, बिसंडा में 25000, बबेरू में 23000, बड़ोखर में 22000, तिंदवारी में 20000, कमासिन में 19000 और जसपुरा में 12000 परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।


लखनऊ मुख्यालय से सीधी निगरानी, पारदर्शिता पर दिया जा रहा जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली के अनुरूप इस अभियान में पारदर्शिता और गति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। लखनऊ मुख्यालय से प्रमुख सचिव और आयुक्त (ग्राम्य विकास विभाग) द्वारा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जा रही है। बांदा के मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत हर ग्राम पंचायत में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। नए समूहों के गठन के साथ-साथ पुराने समूहों में नए परिवारों को शामिल किया जा रहा है।अधिकारी और कर्मचारी युद्ध स्तर पर सक्रिय अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए ब्लॉक स्तर पर एडीओ को नोडल नामित किया गया है। ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, ब्लॉक मिशन प्रबंधक, कोटेदार और कैडर लोकोस ऐप पर परिवारों की फीडिंग, बैंक बचत खाते की पत्रावली जमा करने और आईसीआरपी टीम के संचालन जैसी समयबद्ध गतिविधियों को पूरा करने में जुटे हैं। योगी सरकार की इस कल्याणकारी पहल से बांदा का ग्रामीण अंचल अब आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल बनने की राह पर है।


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