दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को 10-10 साल की सजा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, August 10, 2026

दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को 10-10 साल की सजा

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी

तीनों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड

बांदा, के एस दुबे । मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित दहेज हत्या के एक मामले में मा. सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस द्वारा की गई प्रभावी विवेचना और अभियोजन पैरवी के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में गंभीर मामलों में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है।


दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप मामला वर्ष 2024 में थाना गिरवां क्षेत्र के ग्राम तरखरी से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, थाना अतर्रा क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के पास रहने वाली हमीदन ने 2 मार्च 2024 को थाना गिरवां में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पुत्री का विवाह वर्ष 2018 में ग्राम तरखरी निवासी हमीद से हुआ था। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर उनकी पुत्री को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। आरोप के अनुसार, दहेज की मांग पूरी न होने पर 1 मार्च 2024 को ससुरालीजनों ने उनकी पुत्री की फांसी लगाकर हत्या कर दी।

मामले में थाना गिरवां पर मु0अ0सं0 62/2024, धारा 498ए/304बी भादवि एवं 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद न्यायालय में भेजा गया आरोप पत्र मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नरैनी अम्बुजा त्रिवेदी द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार विवेचक ने प्रभावी विवेचना करते हुए 16 अगस्त 2024 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।

लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। वहीं कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी दीपक कुमार तथा पैरोकार आरक्षी प्रदीप सतोइया के प्रयासों से अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पति, सास और ससुर को मिली सजा मा. सत्र न्यायालय बांदा ने मामले में आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी ठहराते हुए तीनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

दोषी करार दिए गए आरोपी—

हमीद पुत्र राजअली, निवासी ग्राम तरखरी, थाना गिरवां — पति जौहरा पत्नी राजअली, निवासी ग्राम तरखरी, थाना गिरवां — सास राजअली पुत्र कल्लू, निवासी ग्राम तरखरी, थाना गिरवां — ससुर पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना के साथ प्रभावी अभियोजन और पैरवी सुनिश्चित कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।




No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages