सरकारी परिसर में संचालित केंद्र पर मनमानी वसूली की शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग
तिंदवारी/बांदा, के एस दुबे । जिले में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक रकम वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला तिंदवारी से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने के नाम पर 200 रुपये तक वसूले जाने का आरोप लगाया है। सरकारी परिसर में संचालित आधार केंद्र को लेकर सामने आई शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों
का आरोप है कि नए आधार कार्ड के लिए उनसे किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, इसके बावजूद केंद्र पर 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं। वहीं आधार में संशोधन अथवा अपडेट के नाम पर भी निर्धारित शुल्क से अधिक रकम लेने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।
पैसे देने के बाद भी कई दिनों के चक्कर
आधार केंद्र पर भीड़ और लंबी कतार के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आधार बनवाने पहुंचे नीरज और कुलदीप ने आरोप लगाया कि उनसे 200 रुपये लिए गए, इसके बावजूद तत्काल काम नहीं किया गया। उन्हें कई दिनों बाद नंबर आने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आधार कार्ड आम लोगों के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज है। ऐसे में इसके लिए यदि निर्धारित शुल्क से अधिक रकम ली जा रही है तो संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करनी चाहिए।
बिसंडा में भी सामने आ चुके हैं आरोप
तिंदवारी से पहले बिसंडा ब्लॉक परिसर में संचालित आधार सेवा केंद्र पर भी नए आधार कार्ड के नाम पर 200 रुपये लिए जाने के आरोप सामने आ चुके हैं। सरकारी परिसर में संचालित केंद्रों पर कथित अवैध वसूली की शिकायतों से आधार सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सार्वजनिक हो शुल्क की सूची
ग्रामीणों ने मांग की है कि आधार केंद्रों पर प्रत्येक सेवा का निर्धारित शुल्क स्पष्ट रूप से बोर्ड पर प्रदर्शित कराया जाए। इससे लोगों को सही शुल्क की जानकारी मिल सकेगी और कथित मनमानी वसूली पर रोक लगाई जा सकेगी। अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग तिंदवारी और बिसंडा में सामने आई इन शिकायतों की जांच कराता है या नहीं। यदि जांच में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की पुष्टि होती है तो ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


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