चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : जानकीकुंड स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में सोमवार को “विजन सेंटर प्रबंधन एवं परियोजना क्रियान्वयन” विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 10 से 13 अगस्त तक चलने वाली कार्यशाला का आयोजन सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय द्वारा ऑर्बिस इंटरनेशनल के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. पद्मश्री डॉ. बीके जैन को श्रद्धांजलि दी। उद्घाटन अवसर पर ट्रस्ट के निदेशक एवं कार्यकारी न्यासी डॉ. इलेश जैन ने प्रतिभागियों, विशेषज्ञों व सहयोगी संस्थाओं का स्वागत किया। उन्होंने समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण नेत्र सेवाएं पहुंचाने में विजन सेंटरों की भूमिका पर जोर दिया। बताया कि सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय 130 से अधिक विजन सेंटरों के माध्यम से ग्रामीण व वंचित समुदायों तक सेवाएं पहुंचा रहा है। कार्यशाला में सेवाओं को मरीज-केंद्रित, प्रभावी और
टिकाऊ बनाने तथा समापन पर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। ऑर्बिस इंटरनेशनल के कंट्री डायरेक्टर डॉ. ऋषि राज बोराह ने कहा कि विजन सेंटर समुदाय और उच्च स्तरीय नेत्र सेवाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। समय पर जांच, उपचार, रेफरल और फॉलोअप को मजबूत करना जरूरी है। कार्यशाला में परियोजना प्रबंधक, आउटरीच समन्वयक, विजन सेंटर प्रभारी व अन्य प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें नीड असेसमेंट, स्थान चयन, आधारभूत ढांचा, उपकरण, मानव संसाधन, सामुदायिक सहभागिता, स्क्रीनिंग, रेफरल, एमआईएस, सेवा गुणवत्ता और टेली-ऑप्थल्मोलॉजी पर चर्चा होगी। समूह अभ्यास, केस स्टडी व समस्या समाधान के जरिए व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विजन सेंटरों की योजना एवं स्थापना, आवश्यकता का आकलन, आधारभूत संरचना, मानव संसाधन नियोजन, सेवा गुणवत्ता, सामुदायिक सहभागिता, प्रभावी रेफरल प्रणाली तथा परियोजना क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं को बेहतर बनाना है।


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