पशु चिकित्सालय में पहुचा वर्गीकृत सीमन।
बछड़ों की संख्या रोकने के लिए पशु पालन विभाग ने नया प्रयोग शुरू किया है
कदौरा (जालौन), अजय मिश्रा । अब कृत्रिम गर्भाधान से बछड़ा नही बछिया ही पैदा होगी। इससे अब पशुपालकों को लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद ने बछड़ों की संख्या पर अंकुश लगाने का काम शुरू किया है। आवारा पशुओं में ज्यादातर बछड़ो की संख्या देखने को मिली है प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गोवंश का विशेष ख्याल रखने के कारण पशु चिकित्सा विभाग ने साहीवाल नस्ल का सीमन तैयार किया है जिससे कृत्रिम गर्भाधान से गाय अब बछिया ही जनेगी। जिससे बछड़ो की संख्या पर अंकुश लगेगा ये सीमन समस्त पशु चिकित्सा केंद्रों में मुहैया करा दिए गए हैं कदौरा पशुधन प्रसार अधिकारी नितेश पटेरिया ने बताया कि अब तक 11 गायों में कृत्रिम गर्भाधान किया गया है इसका परिणाम सही आया तो यह एक बड़ी सफलता होगी।
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| कृत्रिम गर्भाधान करते कर्मी व बताते हुए पशुधन प्रसार अधिकारी नितेश पटेरिया। |
पहले गर्भाधान में होगा इसका प्रयोग
पशुधन प्रसार अधिकारी की माने तो इस गर्भाधान का उपयोग तैयार गाय के पहले गर्भ के समय करना सही रहेगा जिससे अच्छी नस्ल की बछिया तैयार हो सके।
पशुपालकों को मिलेगा लाभ
इस सीमन के कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशुपालक को 100 रुपये खर्च करने होंगे। बछिया पैदा होने से पशुपालक को लाभ होगा। दुधारू गाय की संख्या बढ़ेगी प्रदेश में दूध उत्पादन भी बढ़ेगा और आवारा छोड़े जा रहे बछड़ों से मुक्ति मिलेगी।
गौशालाओं में खुलेगा आमदनी का रास्ता
अगर से प्रयोग सफल हुआ तो इसका इस्तेमाल गौशाला में भी किया जाएगा। गौशाला में दुधारू गाय की संख्या बढ़ने से आमदनी का रास्ता भी खुलेगा और पूरे प्रदेश में किसानों के लिए भारी समस्या बने आवारा गौवंश पर भी लगाम लगेगी।


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