सोनार को बुलाकर कर्णभेदन संस्कार कराया, मिठाई बांटी
नरैनी, के एस दुबे । आपने अपने आस-पास बच्चों और बड़ो को जन्म दिवस मनाते हुए जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पशुओं का भी जन्मदिन मनाया जाता है? सुनकर अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन ऐसा हुआ है। कस्बा में रहने वालों में एक ऐसे भी सज्जन हैं जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने घर में पलने वाले गौवंश का भी जन्मदिन केक काटकर धूमधाम से मनाते हैं। आजीवन गौसेवा को समर्पित कर्मयोगी विनोद कुमार दीक्षित की दिनचर्या प्रातः काल गौसेवा से शुरू होकर रात्रि तक गौसेवा करते ही समाप्त होती है। एक समय उन्होंने दुर्घटनाओं में काल के गाल में समा गई 13 गायों के छोटे छोटे बेसहारा बच्चों का पालन पोषण करके सभी को नया जीवन प्रदान किया था, उन्हीं में से एक गाय नंदनी ने 17 जुलाई 2022 को लक्ष्मी नाम की बछिया को जन्म दिया था जिसका जन्मदिन सोमवार को गौसेवक विनोद दीक्षित ने धूमधाम से मनाया। बच्चों की तरह सुनार को बुलाकर तथा मुहल्ले में सबको बुलावा भेजकर एक वर्ष की बछिया लक्ष्मी का कर्ण भेदन संस्कार कराया गया है तथा विधिवत पूजन अर्चन करके सबको मिठाई वितरित की है।
![]() |
| गौवंश का जन्म दिन मनाते और कर्ण भेदन करवाते विनोद कुमार दीक्षित |
गौसेवक विनोद दीक्षित कस्बा से लगे हुए दर्जन भर गांवों में घूम-घूम कर बेसहारा गायों की सेवा करते हैं। इसके लिए उन्होंने एक इलेक्ट्रानिक छोटा वाहन गौ सेवा रथ तैयार किया है जिसमे छोटे ध्वनि विस्तारक यंत्र में गौसेवा संबंधित संगीत बजता रहता है। जब कभी कोई गौवंश घायल या बीमार होता है तो उसे किदवई नगर स्थित अपने आवास के पास लाकर उसका समुचित इलाज करवाते हैं जिसके लिए उन्होंने स्वयं अपने हाथों से एक जाल और काउ लिफ्टिंग मशीन भी तैयार की है। गौसेवक विनोद दीक्षित की गाड़ी का संगीत अथवा उनकी आवाज सुनकर सभी बेसहारा गौवंश दौड़कर उनके पास आ जाते हैं जिन्हे श्री दीक्षित अपने वाहन में रखी खाद्य सामग्री सारा दिन खिलाते नजर आते हैं। विनोद दीक्षित ने बताया कि कुछ कस्बावासी और व्यापारी उनकी आंशिक मदद करते रहते हैं और कुछ धन इनके द्वारा स्वयं भी लगाया जाता है। बताया कि अगर सरकार इन सभी गौवंशों को एक आश्रय स्थल की व्यवस्था कर दे तो ये सभी गायों की एक साथ देखरेख व सेवा कर सकते हैं।


No comments:
Post a Comment