मांगों पर विचार न हुआ तो पांच सितंबर को लखनऊ में होगा धरना प्रदर्शन
फतेहपुर, मो. शमशाद । उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने दिवंगत शिक्षामित्र साथियों को जहां भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की वहीं सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल तक कैंडिल मार्च निकाला। बैठक करके शिक्षामित्रों ने समस्याओं पर चर्चा करते हुए अपने हक व अधिकारों के लिए संघर्ष हेतु सभी का हौसला बढ़ाया। जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी के नेतृत्व में नहर कालोनी के सामने स्थित एक गेस्ट हाउस में में शिक्षामित्र एकत्र हुए। सर्वप्रथम शिक्षामित्रों ने दिवंगत साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने बताया कि 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हुआ था। जिस पर तमाम शिक्षामित्रों ने मौत को गले लगाया। तब से लेकर अब तक लगभग 12000 शिक्षामित्रों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। तब से अब तक हजारों शिक्षामित्र आर्थिक तंगी का सामना करते हुए मानसिक अवसाद के शिकार हो रहे हैं। फिर भी 2017 से अब तक सरकार ने शिक्षामित्र की कोई सुधि नहीं ली। जिला
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| नहर कालोनी के सामने गेस्ट हाउस में बैठक करते शिक्षामित्र। |
महामंत्री रवीन्द्र प्रकाश पटेल ने बताया कि शिक्षामित्र संघ ने तमाम आंदोलन किए, कई बार शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा को भी रखा। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी अपनी पीड़ा से अवगत कराया लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मिश्रा एवं जिला संयुक्त मंत्री ओम पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगर मांगों पर विचार नहीं किया तो आगामी पांच सितंबर को लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन करने के लिए हम सब बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अब शिक्षामित्र जाग गया है अब सरकार की टरकाऊ व दोहरी नीति नहीं चलेगी। इस मौके पर अदीप सिंह, अजय सिंह, अनूप तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, माया, रेनू, सुचिता पांडेय, राजेश सिंह, शैलेन्द्र वर्मा, मीनू सिंह, सुनील मिश्रा, ओम पटेल, आशुतोष द्विवेदी, अखिलेश गुप्ता, सर्वेश चन्द्र मिश्र, भानु प्रताप सिंह, अनिल श्रीवास्तव, कैलाश, आशीष पटेल, विशाल शुक्ला, शैलेन्द्र सिंह, विष्णु दुबे, संतोष यादव सहित तमाम शिक्षामित्र उपस्थित रहे।


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