गरीबों को घर नहीं, सिर्फ दीवारें मिलेंगी?
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण बना सफेद हाथी
नए पावर स्टेशन की मांग
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । सदर विधायक अनिल प्रधान ने विधानसभा में जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया व सरकार से जवाब मांगते हुए उसकी नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही वित्तीय कटौती, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की निष्क्रियता, अधूरे बुनियादी विकास कार्यों व बिजली संकट को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। कहा कि अगर सरकार गरीबों व किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं।
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सदर विधायक अनिल प्रधान |
विधायक ने सदन में कहा कि हर नागरिक का सपना होता है कि उसका खुद का घर हो, लेकिन वर्तमान सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना की वित्तीय सहायता में भारी कटौती कर दी गई है। पहले जहां 03 लाख रुपये तक की सहायता मिलती थी, वहीं अब यह घटाकर मात्र 01 लाख 20 हजार रुपये कर दी गई है। इससे गरीबों के लिए घर बनाना बेहद मुश्किल हो गया है। तंज कसते हुए सवाल किया क्या अब गरीबों को आवास योजना के नाम पर सिर्फ दीवारें ही मिलेंगी?
चित्रकूट में 1989 में स्थापित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्र में सुनियोजित विकास करना था, लेकिन आज यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। विधायक ने कहा कि यह प्राधिकरण सिर्फ कागजों में सीमित रह गया है व विकास कार्य ठप हो चुके हैं। सरकार की ओर उंगली उठाते हुए कहा कि चित्रकूट के कई गांव बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 35 किमी की दूरी से बिजली आपूर्ति हो रही है, जिससे ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं व किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। सरकार से नए पावर स्टेशन की स्थापना की मांग की ताकि क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। साथ ही जसगढ़ व हनुमान धारा मार्ग सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की बदहाल स्थिति पर सरकार पर सवाल दागे। कहा कि जो पुल व सड़कें वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? सदर विधायक ने सरकार को सीधा कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि कब तक गरीबों को आवास के नाम पर अधूरी सुविधाएं मिलेंगी? कब तक बिजली संकट जारी रहेगा? कब तक विकास कार्यों को ठंडे बस्ते में डाला जाएगा?
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