संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ाए जाने व प्रतिमाह पांच सौ आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश
डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
फतेहपुर, मो. शमशाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने स्वास्थ्य से संबंधित संचालित योजनाओं व कार्यक्रमों की प्रगति की अद्यतन स्थिति को जाना और संबंधितो को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन आख्या की पुष्टि की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्षय रोगियों के लाभार्थियों का भुगतान समय से न होने एवं विजयीपुर प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान समय से न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिए कि जब तक लाभार्थियों का भुगतान नहीं हो जाता है तब तक उक्त अधिकारियों का वेतन आहरित न किया जाये इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि क्षय रोग के लाभार्थी एवं पीएमजेएसवाई के 95 प्रतिशत
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भाग लेते डीएम व सीडीओ। |
लाभार्थियों जिनके बैंक खाते उपलब्ध है का भुगतान के कार्य को प्रमाणित करें तभी वेतन आहरित किया जाये। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों से कहा कि अपने दायित्वों का निर्वाहन पूरी संवेदनशीलता के साथ करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनपद में अपने-अपने क्षेत्र के जितने ए-पीएचसी प्रसव के लिए अभी तक क्रियाशील नहीं हुए है, कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि 20 अप्रैल तक हर हाल में प्रसव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं कराते हुए क्रियाशील कराए एवं संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ाया जाये। साथ ही सभी केन्द्रों में आयुष्मान गोल्डन कार्ड कम से कम 500 प्रति माह बनाए जायें और रिपोर्ट से अवगत कराएं अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही तय की जाएगी। साथ ही इस कार्य में निगरानी बनाए रखने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि आभा आईडी बनाए जाने के कार्य में तेजी लाई जाये। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराते हुए सभी जांचे व अनुमन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराये साथ ही गर्भवती महिलाओ व बच्चों का टीकाकरण समय से कराते हुए पोर्टल पर फीड कराये एवं हाईरिस्क गर्भवती महिलाओ की नियमित जांच कराए और सभी अनुमन्य स्वास्थ्य सुविधाएं संवेदनशीलता के साथ मुहैया करायें। गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क के बारे में जरूरी जानकारी दी जाए। स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने क्षेत्र के सीएचओ की उपस्थिति वीडियो कॉलिंग के माध्यम से सुनिश्चित करें। साथ ही ई-संजीवनी के तहत सीएचओ, एमओ मरीजों के परामर्श का प्रतिशत बढ़ाया जाये। उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग अभियान के सफल संचालन के लिए जिन ब्लाकों में शिक्षक, पंचायत सहायक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, सभासद, वार्ड मेंबर का संवेदीकरण (ओरिएंटेशन) अभी तक नहीं हुआ है उसका तत्काल कराने के निर्देश संबंधितों को दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजीव नयन गिरि, सीएमएस पीके सिंह, डीपीएम लालचंद्र गौतम, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित समस्त एमओवाईसी, खंड विकास अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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