समस्या समाधान के लिए कार्रवाई नहीं कर रहा प्रशासन
कमासनि के धौंसड़ गांव में मकान नहीं बनाने दे रहे दबंग
बांदा, के एस दुबे । कमासिन क्षेत्र के धौंसड़ गांव में गरीब परिवार ने अपना मकान बनाने का प्रयास किया तो दबंगों ने अड़ंगा डाल दिया। सामग्री से भरे ट्रैक्टर को रोक दिया और जान से मार देने की धमकी दी। पीड़ितों ने पुलिस से फरियाद की, लेकिन किसी से नहीं सुनी। मजबूरन अशोक स्तंभ तले अनशन शुरू कर दिया है। बावजूद इसके प्रशासन अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। अनशनकारियों का कहना है कि कार्रवाई न होने तक वह अनशन पर डटे रहेंगे। धौसड़ गांव निवासी बुजुर्ग सगे भाई गिरजाशरण और रामसनेही अशोक स्तंभ तले अनशन पर बैठे हुए हैं। बताया कि वह अपने पैतृक भूखंड पर वर्षों बाद घर बनवाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन गांव के ही कुछ दबंगों ने निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है। पांच जून को स्थिति इतनी बिगड़ गई कि निर्माण सामग्री से भरे ट्रैक्टर को रोक दिया गया, मजदूरों को डराया गया, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई, यहां तक
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| अशोक स्तंभ तले अनशन पर बैठे गिरजाशरण और रामसनेही |
कि फावड़े-सब्बल लेकर हमला करने की कोशिश हुई। निर्माण सामग्री भ्ज्ञी जबरन छी ली गई। अनशनकारियों ने बताया कि सात जून को थाने से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक तक को शिकायती पत्र सौंपा, मगर अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो गिरजा शरण और उनके भाई राम सनेही ने 25 जून से शहर के अशोक लाट पर अनशन शुरू कर दिया। अनशनकारियों ने कहा कि वह न्याय चाहते हैं, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे, भले ही उनका दम टूट जाए। बताया कि उनके पास 2011 में तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्रामीणों द्वारा किया गया पंचनामा है, जिसमें उनकी भूमि के स्वामित्व की पुष्टि की गई थी। बावजूद इसके न तो शासन सुन रहा है, न प्रशासन। अनशनकारियों ने कहा कि प्रशासन ने भी अगर अनदेखी की तो फिर न्याय कैसे मिल पाएगा।


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