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Monday, September 1, 2025

देश की आजादी में बुंदेलखंड का गौरवशाली इतिहास-दनादन

राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का लगा जमघट बताई आंदोलन की हकीकत

बांदा, के एस दुबे - अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद के प्रदेश महामंत्री डॉ संजय द्विवेदी दनादन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि नई दिल्ली में महापरिषद की छठवीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रहलाद प्रसाद प्रजापति के अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर अपने उद्बबोधन द्वारा डॉ संजय द्विवेदी दनादन ने कहा कि देश की आजादी में 1857 से लेकर 1947 तक बुंदेलखंड का गौरवशाली इतिहास रहा रानी झांसी, बांदा के नवाब शेर अली बहादुर शानी, आत्माराम गोविंद दास खेर, सदाशिव मलिका पुरकर, सीताराम भागवत, दीवान शत्रुघ्न सिंह, ब्रह्मानंद , पंडित लक्ष्मीनारायण अग्निहोत्री, पंडित रूद्रदेव शर्मा, पंडित गोपीनाथ दनादन, कुंवर हरिप्रसाद सिंह, महादेव भाई, जगन्नाथ करवरिया द्वारा समूचे बुंदेलखंड में देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों का संगठन तैयार कर गांधी जी के नेतृत्व में आगे आए और अनेक वर्षों तक यहां के क्रांतिकारियों ने तन्हाइयों में रह कर भारतमाता को आजाद करने का काम किया गया।


जनपद बांदा में ऐतिहासिक भूरागढ़ किले में सैकड़ों क्रांतिकारियों को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा फांसी पर लटकाया गया आज भी किले के अंदर स्थित फांसी घर हमारे उन क्रांतिकारियों की शहादत की याद दिलाता है राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रमुख पदाधिकारी गण माननीय श्री राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री  भारत सरकार से मिला और ज्ञापन सौंपा मांग की गई कि सरकार स्वतंत्रता सेनानी परिवार को राष्ट्रीय परिवार घोषित करे महापरिषद को सरकारी मान्यता के साथ ही गृहमंत्रालय द्वारा देश के सभी स्वतंत्रता सेनानी परिवार जनो को ऑनलाइन परिचय पत्र जारी करे इस अवसर पर प्रमुख रूप से 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नंदकिशोर माली, गणेश माधवन, अप्पा नवले, हरीराम गुप्ता, प्रो0 कुमार पटेल, गोपाल नारसन, अवधेश पंत,एस एन मिश्रा, अजय शीतलानी, मुकेश मर्चेंट, गुरविंदर सिंह, महावीर ढाका दिवाकर झा,  इंद्रा मिश्रा, आशा लाल, प्रो0 वंदना राय, राम कुमार सिंह स्वतंत्र, सुरेन्द्र बुटोला, प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र मनीष प्रसाद मददार सिद्ध, मंगल पांडे की वंशज ऋचा पांडे प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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