कानपुर, प्रदीप शर्मा - भारत सरकार द्वारा प्रायोजित विकास आयुक्त कार्यालय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, तथा विस्तार इकाई सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र, कानपुर एवं सेवा भारती , कानपुर प्रान्त द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुगंधी एवं इससे संबंधित उद्योग की जागरूकता पर बुधवार को उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम माँ चंद्रिका महाविद्यालय छतरपुर रोड महोबा में आयोजित किया गया जिसमें 350 छत्राओ व अध्यापकों ने भाग लिया। इस अवसर पर सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र के डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने सुगंधि एवं औषधीय की खेती करके कैसे इसका व्यायसायिक उपयोग किया जा सकता है तथा कैसे इससे सम्बंधित उद्यम स्थापित किया जा सकता है इसकी जानकारी दी। तत्पश्चात सुगन्ध एवं सुरस विकास केंद्र की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म भी दिखाई, जिससे उपस्थित महिलाओं में जानकारी हो सके कि केंद्र में क्या क्या सुविधाये उपलब्ध है। तकनीकी सत्र में सुगन्ध एवं
सुरस विकास केंद्र के सहायक निदेशक डॉ भक्ति विजय शुक्ला ने आस पास कौन कौन सी सुगन्धित पौधों की खेती हो सकती है इस पर विशेष रूप से लेमनग्रास, सिट्रोनिला तथा पमारोसा आदि की विशेष चर्चा की तथा प्रदेश सरकार व भारत सरकार से उद्योग स्थापित करने के लिए मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में तथा उद्योग लगाने की उत्तर प्रदेश तथा भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के बारे में विशेष कर वित्तिय सहायता वाली योजनाओं के बारे में बतलाया। पेशे से अध्यापक रहे आर के त्रिपाठी ने लेमनग्रास की खेती के बारे में तथा खेती में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं जैसे मनरेगा आदि की जानकारी दी। उन्होंने लेमनग्रास से संबंधित अन्य उत्पाद की भी जानकारी दी। प्रधानाचार्य डॉ ज्योति सिंह ने सभी को धन्यवाद दिया।


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