विश्व मृदा दिवस पर किसानों को दी अहम जानकारी
फतेहपुर, मो. शमशाद । कृषि भवन में कृषि विभाग द्वारा विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं विद्यार्थियों में मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण, उर्वरक प्रबंधन, सत्त कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें डा० प्रेमदान सिंह पाल ने खेत में जीवांस कार्बन की कमी को चिंताजनक बताया। उसके सुधार हेतु प्राकृतिक संसाधन के माध्यम से पोषक तत्व प्रबंधन जैसे कार्बनिक खादें, कम्पोस्ट, कैचुआ खाद व हरी खाद के महत्व को समझाया और खेत से मृदा नमूना लेने की वैज्ञानिक विधि व मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी गई। केवीके वैज्ञानिक डा० जगदीश किशोर ने मृदा गुणवत्ता एवं सुधार तकनीकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। जिसमें कृषकों को अवगत
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| कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। |
कराया कि जब तक कृषक अपनी प्रवृति के अनुसार प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक उत्पाद का प्रयोग नहीं करेंगे तो खेत में कार्बन और जीवाष्म की कमी बनी रहेगी। जिला कृषि अधिकारी ने कृषकों को बताया कि प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों के अनुसार खेती करने से खेती के स्वास्थ्य के साथ-साथ मनुष्य के स्वास्थ्य में भी अमूलचूल परिवर्तन लाया जा सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबन्धक मनोज कुमार ने किसानों को कृषि ऋण एवं बैंकिंग योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में जय माँ सरस्वती ज्ञान मदिर इण्टर कॉलेज राधानगर एवं दूजी देवी मेमोरियल इण्टर कालेज भृगुधाम के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्हें मृदा, कृषि विज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शामिल किया। उप कृषि निदेशक ने किसानों को मृदा परीक्षण कराये जाने पर जोर दिया। समापन पर उप कृषि निदेशक ने सभी अतिथियों, कृषि वैज्ञानिकों, विद्यालय के शिक्षकों एवं प्रतिभागी छात्रों तथा किसानों का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम समापन किया। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, केवीके के वैज्ञानिक, बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबन्धक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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