शिक्षकों ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी और जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षक टेट के खिलाफ जीआईसी मेदान में एकत्र हुए। इस दौरान शिक्षक नेता आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि बीस-पच्चीस वर्ष सेवाएं दे चुके बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को नौकरी पर बने रहने और पदोन्नति के लिए टेट अनिवार्य कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। जिला मंत्री प्रजीत सिंह ने बताया कि जिस समय सरकार को लाखों शिक्षकों के परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था, अध्यादेश लाकर वास्तविकता का साथ देना चाहिए था, ऐसे समय में सरकार की संवेदनहीनता और गैर
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| प्रदर्शन करते हुए शिक्षक। |
जिम्मेदाराना जवाबों से शिक्षक आहत है। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा, मंत्री आदित्य प्रकाश द्विवेदी तथा महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुधा राजपूत ने संयुक्त रूप से कहा कि इस मुद्दे पर सरकार अपना पक्ष शिक्षकों के साथ मजबूती से नहीं रखती और समस्या का समाधान नहीं निकालती है तो टेट के मुद्दे को लेकर सभी शिक्षक मार्च में दिल्ली कूच करेंगे और विशाल रैली आयोजित करेंगे। ज्ञापन देने में संगठनों के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, मंत्री, जनपदीय पदाधिकारी, महिला पदाधिकारी के साथ ब्लॉक, तहसील व जनपद तक के सभी पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे। इसके बाद उपजिलाधिकारी पैलानी द्वारा शिक्षक बीएलओ को अकारण ही जेल भेजे जाने की कार्रवाई से भड़के शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर जिला निर्वाचन अधिकार/ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिक्षक नेता ने बताया कि शिक्षक बीएलओ सौरभ द्विवेदी जो कि तिंदवारी ब्लॉक के 152 भाग संख्या के बीएलओ है, वह 18 फरवरी को उपजिलाधिकारी पैलानी द्वारा कार्य संतोषजनक न होने के कारण वेतन रोकने का आदेश निर्गत कर दिया गया था।इस पर संबंधित बीएलओ द्वारा कार्य संतोष जनक करने के उपरांत 24 फरवरी को अवरुद्ध किए गए वेतन आदेश को निरस्त करने का निवेदन लेकर उपजिलाधिकारी पैलानी के कार्यालय गया, जहां उसने अनुरोध किया लेकिन उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा ने न केवल उसको अपमानित किया, अपितु रात में ही बिना सम्बंधित विभाग को सूचना दिए जेल भेज दिया जो सरासर शिक्षकों का अपमान है। इस कार्रवाई से आहत होकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कहा है कि यदि 28 फरवरी को उपजिलाधिकारी पैलानी के कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया जाएगा और उसके बाद भी यदि संबंधित अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं होती तो एसआईआर, बीएलओ तथा बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी का बहिष्कार किया जाएगा।


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