बाँदा, के एस दुबे । महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई के चल रहे सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन नगर की पिछड़ी व दलित बस्ती बारी मोहाल, दरी मोहाल और अहीर मोहल्ले में शिविरार्थी छात्राओं ने बस्ती में जाकर सामुदायिक जागरुकता अभियान चलाया, जिसका मुख्य विषय समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द , सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा रहा। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सबीहा रहमानी, डॉ. जयंती सिंह, डॉ. नीतू सिंह के नेतृत्व में शिवरार्थी छात्राओं ने नगर की बस्ती में जाकर सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाया। द्वितीय सत्र में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रुप में श्याम बाबू शुक्ला, विशिष्ट वक्ता डॉ. आलोक
भरद्वाज उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द भारतीय समाज की दो मूलभूत अवधारणाएं हैं, जो देश की एकता, अखंडता और सामाजिक स्थिरता को सुदृढ़ बनाती हैं। इनका उद्देश्य विविधताओं से भरे समाज में आपसी प्रेम, सम्मान, सहिष्णुता और सहयोग की भावना को विकसित करना है। सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर डॉ. राम नरेश पाल, डॉ. विनय कुमार पटेल, कल्पना, शैलजा, पूनम, रिमझिम, निशा, रजनी, नेहा, लक्ष्मी, गायत्री, आफरीन, मीनाक्षी, प्रीति, अरबिया, श्रद्धा , पूर्णिमा, मनीषा, अदीना, खदीजा, आकांक्षा सविता, रोशनी, पायल, रुखसाना, कोमल सिंह आदि उपस्थित रही।


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