शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को वापस लिया जाए - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Wednesday, February 25, 2026

शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को वापस लिया जाए

कांग्रेसियों ने किया जोरदार प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

बांदा, के एस दुबे । जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपने ज्ञापन में कहा है कि सनातन संस्कृति के सर्वोच्च पद पर आसीन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को वर्तमान में जिस प्रकार से प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार अपमानित करने में तुली है, उसे लेकर आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि माघ मास के दौरान शंकराचार्य अपने शिष्यों के साथ गंगा स्नान करने के लिए जा रहे थे, तभी सरकार के इशारे पर मेला अधिकारियों और पुलिस के द्वारा उन्हें रोका गया, उन्हें अपमानित करने के साथ-साथ उनके शिष्यों की चोटी शिखा को पकड़कर मारपीट की गई। इस अन्याय पर शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे रहे और अन्त में बिना गंगा स्नान के वह अपने मठ बनारस लौट आए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के चहेते आशुतोष

प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस पदाधिकारी।

ब्रह्मचारी जिस पर अनेकों मुकदमें पंजीकृत है और न्यायालय में विचाराधीन है उसके द्वारा विशेष न्यायाधीश पास्को कोर्ट के माध्यम से मनगढ़ंत तरीके से मुकदमा लिखवाए जाने के लिए आदेश पारित करवाए गए। उन्होंने कहा कि देश की जनता शंकराचार्य के पक्ष में खड़ी है, सनातन संस्कृति पर वर्तमान समय में योगी सरकार सनातन धर्म में कुठाराघात करने में लगी हुई है और शंकराचार्य जैसे पद की गरिमा को चोट पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। ज्ञापन देने वालों में प्रद्युम्न कुमार लालू दुबे एड., संकटा प्रसाद त्रिपाठी, बल्देव वर्मा, मो. इदरीश, सत्यप्रकाश द्विवेदी, अमित त्रिपाठी, कालीचरण निगम, शोएब रिजवी, बी लाल भाई, सन्तोष कुमार द्विवेदी, कैलाश बाबू, शौर्य प्रताप सिंह, लालबाबू राजपूत समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages