कानपुर, प्रदीप शर्मा - छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध एजुकेशन ट्रेनिंग विभाग के शोधार्थी कृष्ण कांत ने माध्यमिक स्तरीय शिक्षकों की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकीय अभिवृत्ति एवं कम्प्यूटर ज्ञान का उनकी शिक्षण सक्षमता के संदर्भ में शोध किया। शोधार्थी कृष्णकांत ने बताया कि शोध के अनुसार जिन शिक्षकों की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रति अभिवृत्ति सकारात्मक है, उनकी शिक्षण सक्षमता, कक्षा-प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण कौशल अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी पाए गए। शोध के अनुसार पर्याप्त कम्प्यूटर का ज्ञान रखने वाले शिक्षक डिजिटल संसाधनों, ई-कंटेंट और इंटरैक्टिव उपकरणों का बेहतर उपयोग करते हैं, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक सहभागितापूर्ण, समय-कुशल और परिणामोन्मुख बनती है। उन्होंने बताया कि शोध के शैक्षिक एवं सामाजिक प्रभावों के अनुसार यह पाया गया कि तकनीक-समर्थित शिक्षण पद्धतियाँ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने, अधिगम-परिणामों
में सुधार लाने और समग्र शिक्षण गुणवत्ता को उन्नत करने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। अध्ययन के निष्कर्ष नई शैक्षिक नीतियों के तकनीकी एकीकरण संबंधी उद्देश्यों के अनुरूप भी माने गए। शोधार्थी कृष्ण कांत ने बताया कि डेटा संग्रहण के दौरान चुनौतियाँ रहीं, किन्तु यह शोध भविष्य के शिक्षकों और कार्यरत शिक्षकों, दोनों के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के आर एंड डी दल के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की डीन डॉ. नमिता तिवारी ने शोधार्थी को बधाई देते हुए इस अध्ययन को शिक्षकों की तकनीकी अभिवृत्ति और शिक्षण सक्षमता के क्षेत्र में एक सार्थक योगदान बताया।


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