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Monday, March 9, 2026

चकबंदी की रफ्तार पर प्रशासन की सख्ती, लापरवाही पर अधिकारियों को 15 मार्च तक अल्टीमेटम’

297 बीघा फिर ग्रामसभा के खाते में 

चकबंदी समीक्षा बैठक में बड़ा निर्णय

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि । जिलाधिकारी एवं जिला उप संचालक चकबंदी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि धारा-7 (भूचित्र पुनरीक्षण) के अंतर्गत पांच गांवों में से तीन में कार्य जारी है, जबकि दो गांवों में जनविरोध के कारण प्रक्रिया बाधित है। धारा-8 के तहत दो गांवों में पड़ताल का कार्य चल रहा है और धारा-9 के अंतर्गत पांच गांवों में सहायक चकबंदी अधिकारी विनिमय अनुपात निर्धारण में जुटे हैं। राजापुर तहसील के ग्राम गढ़वारा में भी जनविरोध के चलते कार्य प्रभावित है। धारा-20 के अंतर्गत छह गांवों में से तीन में चक सृजन का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि तीन गांवों में विरोध के कारण प्रगति थमी हुई है। बैठक में धारा-52 के अंतर्गत लक्षित ग्राम खरौंध,

समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारीगण

ऐचवारा, मिर्जापुर, लठागुठऊपुर और महरुछ के अंतिम अभिलेख तैयार करने में बरती जा रही लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में 15 मार्च तक अंतिम अभिलेख और भूचित्र पूर्ण कर प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा संबंधित सहायक चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मानिकपुर तहसील के ग्राम खरौंध की सार्वजनिक मद की लगभग 51.948 हेक्टेयर (करीब 297 बीघा) भूमि, जिसे पूर्व में किसानों के नाम आवंटित किया गया था, का सत्यापन कर उसे पुनः ग्रामसभा के खाते में दर्ज करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार सहित चकबंदी विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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