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Sunday, March 1, 2026

बांदा के लाल और नासा वैज्ञानिक डॉ. अशोक ने भरी वैज्ञानिक चेतना की उड़ान

बांदा का जिज्ञासु मस्तिष्क भी सहजता से सितारों तक पहुंच सकता है

बांदा, के एस दुबे । राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अशोक प्रजापति, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रोग्राम मैनेजर एनएएसए उपस्थित रहे। तिंदवारी से निकलकर अंतरिक्ष विज्ञान के वैश्विक मंच तक पहुंचे डॉ. प्रजापति को वर्ष 2025 में नासा द्वारा पांच प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। अपने गृह जनपद में लौटकर उन्होंने विद्यार्थियों के भीतर विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की ज्योति प्रज्ज्वलित की। अंकित कुशवाहा ने कहा कि बांदा की गलियों से नासा की प्रयोगशालाओं तक की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हर उस विद्यार्थी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने का साहस रखता है। कार्यक्रम में शहर

डॉ. अशोक प्रजापति को सम्मानित करते हुए अतिथि

की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। विशिष्ट अतिथि शिवराज एएसपी., रामलखन कुशवाहा, अवधेश गुप्ता, श्रीराम विशाल कुशवाहा, रामस्वरूप साहू, गिरधारीलाल कुशवाहा व सुनील सक्सेना मौजूद रहे। कार्यक्रम डायरेक्टर अंकित कुशवाहा व डायरेक्टर संध्या कुशवाहा के कुशल निर्देशन में हुआ। उन्होंने ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर का मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानाचार्य शिवेंद्र कुमार ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व को रेखांकित किया। वैज्ञानिक संवाद सितारों तक पहुंचने की प्रेरणा अपने संबोधन में डॉ. प्रजापति ने विस्तार से
संबोधित करते हुए नासा वैज्ञानिक अशोक प्रजापति

बताया, जो वर्तमान में एनएएसए के 40 से अधिक अंतरिक्ष मिशनों, जिनमें प्रोग्राम भी शामिल है, का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा विज्ञान भूगोल की सीमाओं को नहीं मानता। बांदा का एक जिज्ञासु मस्तिष्क भी उतनी ही सहजता से सितारों तक पहुंच सकता है, जितना कि वाशिंगटन का। कार्यक्रम के अंत में प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर कविता वर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और इस आयोजन को जिले के शैक्षिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।


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