गुझिया, पापड़ और मिठाई का किया गया वितरण, खिल उठे वृद्धजनों के चेहरे
बांदा, के एस दुबे । होली का पर्व जहाँ चारों ओर रंग, उमंग और उल्लास लेकर आता है, वहीं वृद्धाश्रम में रह रहे कई बुजुर्गों के जीवन में यह दिन अक्सर अपनों की याद और एकांत का दर्द भी साथ लाता है। जिन हाथों ने कभी अपने परिवार को खुशियों से सजाया, आज वही हाथ अपनों के स्नेहिल स्पर्श की प्रतीक्षा करते दिखाई देते हैं। त्योहारों के अवसर पर यह अकेलापन उनके मन को और अधिक व्यथित कर देता है। ऐसे संवेदनशील समय में आज रविवार को विगत वर्षों की भांति होलिकोत्सव पर्व के पूर्व भोजन जन सेवा समिति के सदस्यों ने वृद्धाश्रम
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| वृद्धाश्रम में गुझिया पापड़ वितरित करते समिति पदाधिकारी |
पहुँचकर बुजुर्गों के साथ होली मनाई।सर्वप्रथम सभी बुजुर्गों को हैप्पी होली की टोपी लगाई गुलाल लगाकर, होली गीत गाकर तथा गुजिया, पापड़ और मिठाई वितरित कर उनके जीवन में खुशी के रंग भरने का प्रयास किया गया। जब बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लौटी और उनकी आँखों में अपनत्व के आँसू छलके, तो वातावरण भावुक हो उठा।तत्पश्चात सभी बुजुर्ग व समिति सदस्य होली गीतों पर जमकर थिरके।समिति के संस्थापक कुमार शेखर ने कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन में सम्मान, समय और स्नेह के रंग भरना ही सच्चे
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| होली खेलते हुए। |
अर्थों में होली मनाना है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी बुजुर्गों के साथ हर सुख-दुख में खड़े रहेंगे। इस अवसर पर समिति के नरेश गुप्ता, मनीष केसरवानी, रीता सिंह तोमर, साधना चौरसिया, शिवांशु चौरसिया, अंकिता सिंह, नरेश अग्रहरि, राकेश गुप्ता, रामेन्द्र सिंह, आशीष मिश्रा, सुरेश भाई, बल्लू बाबू श्रीवास्तव आदि रहे।



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