मऊ (चित्रकूट), सुखेन्द्र अग्रहरि । क्षेत्र के खण्डेहा ग्राम पंचायत अंतर्गत पियरिया मजरे में बुधवार सुबह खुशियों के बीच मातम पसर गया, जब महुआ बिनने गए परिवार की मासूम किलकारी हमेशा के लिए खामोश हो गई। संतोष कुमार की आठ वर्षीय पुत्री काव्या कोल खेलते-खेलते पास की पुरानी पत्थर खदान से बने पानी भरे नाले में जा गिरी। परिजन महुआ बटोरने में व्यस्त थे, लेकिन अचानक बच्ची नजर से ओझल हो गई। घबराए परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की तो कुछ ही देर बाद मासूम नाले में पड़ी मिली। आनन-फानन में उसे निकालकर अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही मऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चौकी इंचार्ज
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| घटना स्थल पर पहुंची नायब तहसीलदार पारुल सिंह |
राहुल पांडे ने जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नायब तहसीलदार पारुल सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर सहायता का भरोसा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान का यह पानी भरा नाला लंबे समय से बच्चों के लिए जानलेवा खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अब तक बेपरवाह हैं।
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