बाबा आंबेडकर के संविधान को पढ़ने और सीखने की जरूरत
ओरन, के एस दुबे । नगर के एक मैरिज हाल में संत गाडगे एवं संत रविदास जी की जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। अध्यक्षता सेवानिवृत शिक्षक राम सजीवन श्रीवास ने की एवं संचालन शिक्षक रमाकांत रंजन द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बुद्ध, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, संत गाडगे व संत रविदास महाराज के अलावा प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इस दौरान शिक्षक इन्द्र पाल विमल ने संत गाडगे एवं संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके सद् विचार आज भी प्रासंगिक है। रामकरण आदर्शी ने दोनों महापुरुषों के जीवन
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| कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग। |
पर प्रकाश डाला और कहा होलिका दहन, बुद्ध दर्शन एवं सामाजिक पाखंडों के बहिष्कार एवं समाज में फैली कुरीतियों तथा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को पढ़ने एवं सीखने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बृज गोपाल श्रीवास, मौसमी कोटार्य, सुमन दिवाकर, मेवालाल, उत्तरा विमल, राज बहादुर यादव, रामकुमार श्रीवास्तव संजय श्रीवास, कमलेश, मूलचंद वर्मा, अजीत, विकास वर्मा, रामप्रताप सिंह, शिव कुमार, सत्य प्रकाश सभासद आदि उपस्थित रहे।


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