तिरुपति में गूंजा चित्रकूट का नाम
शंकराचार्य के करकमलों से सम्मानित
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । तिरुपति के धर्मगिरी स्थित प्रतिष्ठित वैदिक अध्ययन केंद्र में आयोजित श्री वेंकटेश्वर वेद-शास्त्र-आगम विद्वत्सदः के अंतर्गत हुई अथर्ववेद मूलान्त परीक्षा में चित्रकूट जनपद के ग्राम ऐंचवारा निवासी वैदिक छात्र विष्णु दत्त द्विवेदी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने जनपद बल्कि सम्पूर्ण उत्तर भारत का मान बढ़ाया है। लगभग सात वर्षों में एक बार आयोजित होने वाली इस कठिन परीक्षा में देशभर से एक हजार से अधिक वैदिक विद्यार्थी भाग लेते हैं, जिनमें से प्रारंभिक चरण में ही सैकड़ों विद्यार्थी बाहर हो जाते हैं। ऐसे उच्च स्तर की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करना असाधारण प्रतिभा, तपस्या और गहन अध्ययन का प्रमाण माना जाता है। विष्णु दत्त द्विवेदी ने
![]() |
| शंकराचार्य के करकमलों से सम्मानित होता चित्रकूट का वैदिक प्रतिभा पुत्र |
वर्ष 2013 से ही वैदिक अध्ययन की साधना प्रारंभ की और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटे। उज्जैन में अध्ययन के दौरान पिता के निधन जैसी कठिन घड़ी आई, किंतु उन्होंने गुरुजनों के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग से अपनी तपस्या जारी रखी। वर्तमान में वे तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें शृंगेरी पीठ के पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य के करकमलों से सम्मान प्राप्त हुआ, जो चित्रकूट सहित सम्पूर्ण उत्तर भारत के लिए गर्व का विषय बन गया है।


No comments:
Post a Comment