हर दस्तावेज पर रजिस्ट्री अनिवार्य
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । फार्मर रजिस्ट्री अभियान अब सिर्फ कागजी कवायद नहींए बल्कि प्रशासन की सख्त प्राथमिकता बन चुका है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जूम के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट संकेत दे दिए कि अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। जनपद की तहसीलों में धीमी प्रगति और महज 209 पंजीकरण पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर शत.प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया। नेटवर्क बाधाओं को बहाना न बनाते हुए रात्रि में डाटा फीडिंग और आधार सत्यापन के निर्देश दिए गए। जिन किसानों के विवरण में त्रुटियां हैंए उन्हें तत्काल सुधारने और अनुपलब्ध किसानों के कारण दर्ज करने को कहा गया। बड़े ग्राम
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| फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारीगण |
पंचायतों में अतिरिक्त लेखपाल तैनात कर रफ्तार बढ़ाने की रणनीति भी तय हुई। अब खतौनीए आयए जाति या निवास प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री जांच अनिवार्य होगीए यहां तक कि गेहूं खरीद केंद्रों पर भी इसकी पुष्टि की जाएगी। जिलाधिकारी ने साफ किया कि मुख्यमंत्री स्तर पर रोजाना समीक्षा हो रही हैए इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासनिक सख्ती के बीच यह अभियान अब किसानों के अधिकार और सरकारी योजनाओं की कुंजी बनता नजर आ रहा है।
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