कागजों में चमक, जमीन पर जंग
करोड़ों की कमाई, लेकिन बदहाल मण्डी
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की नवीनध्विशिष्ट मण्डी में गुरुवारए 23 अप्रैल को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का आकस्मिक निरीक्षण महज औपचारिकता नहींए बल्कि व्यवस्था की नसों में दौड़ती सुस्ती पर सीधा प्रहार बनकर सामने आया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ;नमामि गंगेद्ध स्वप्निल यादवए प्रभारी मण्डी सचिव विनय सिंह और व्यापारी मौजूद रहेए लेकिन फाइलों के ढेर और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ झलकता दिखा। उपस्थिति रजिस्टरए दुकान आवंटन और विज्ञापन पत्रावलियों की पड़ताल में सब कुछ कागजों पर दुरुस्त मिला, मगर मण्डी के ढांचे में जर्जर टीन शेडए गंदगी और अव्यवस्था की सच्चाई ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी।
जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाते हुए नीलामी चबूतरों के खराब शेड बदलनेए कैण्टीन को स्वयं सहायता समूह से संचालित करानेए चाय ठेलों पर डस्टबिन अनिवार्य करने और गुटखा.तम्बाकू दुकानों को तत्काल हटाने के आदेश दिए। एक सप्ताह के भीतर सब्जी.फल मण्डी के दोनों नीलामी चबूतरों को खाली कराने का फरमान भी जारी हुआ। 25 मार्च की नीलामी से 1ण्15 करोड़ रुपये के राजस्व की पुष्टि के साथ ही शेष दुकानों के शीघ्र आवंटन के निर्देश दिए गए। मण्डी के भीतर बने बायपास को बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया गया। सबसे बड़ा संदेश साफ रहा. 15 दिन में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करोए वरना कार्रवाई तय है।
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