बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड में लगातार बढ़ते तापमान और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारीअमित आसेरी ने जनपदवासियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श (।कअपेवतल) जारी किया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि लू और हीट वेव की स्थिति में लापरवाही न बरतें और लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता लें। जिलाधिकारी ने बताया कि शरीर में पानी की कमी और उच्च तापमान सीधे मस्तिष्क और हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। इसके मुख्य लक्षण निम्न हैं। पसीना न आना लेकिन तेज गर्मी महसूस होना।सिरदर्द, मतली, चक्कर आना और भ्रम की स्थिति।पल्स रेट और सांस की गति का असामान्य रूप से तेज होना। प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन में मुख्य सावधानियों पर जोर दिया गया है।समय का ध्यानः दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।खान-पानः खाली पेट धूप में न निकलें। अधिक से अधिक पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें।हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढकें। शराब, चाय, कॉफी और अत्यधिक तले-भुने भोजन से दूर रहें।
अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) श्री कुमार धर्मेंद्र ने कृषकों और श्रमिकों से अपील की है कि वे अपने कार्य समय में बदलाव करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्य प्रातः जल्दी शुरू कर दोपहर तक समाप्त कर लें और विश्राम के बाद शाम 4 बजे के उपरांत ही दोबारा काम शुरू करें। यात्रियों के लिए नगर निकायों द्वारा उपलब्ध कराए गए वाटर टैंकरों और रैन बसेरों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। जिला आपदा विशेषज्ञ डा. प्रभाकर सिंह ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति या तापाघात (भ्मंज ैजतवाम) के प्रभाव से बचने के लिए नागरिक तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं ।लैंडलाइन नंबरः 05192-285260,टोल-फ्री नंबरः 1077 जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बांदा ने जनहित में संदेश जारी करते हुए कहा है कि “जागरूकता ही हम सबकी जिम्मेदारी है।“ किसी भी प्रकार की उल्ट-दस्त या बेहोशी की स्थिति में मरीज को तुरंत छाया में लाएं और ठंडे पानी से शरीर को पोंछते हुए डॉक्टर से संपर्क करें।


No comments:
Post a Comment