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Monday, April 13, 2026

टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने निकाला मसाल जुलूस

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि  । अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ चित्रकूट द्वारा सोमवार को पटेल तिराहा से शहीद स्मारक पार्क तक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। शैक्षिक संगठनों द्वारा एकजुट होकर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त रखने के लिए यह मशाल जुलूस निकाला गया। महासंघ के प्रदेश संयोजक कमलेश पाण्डेय द्वारा सरकार के टेट अनिवार्यता निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया और निर्णय को वापस न लिए जाने तक संघर्ष जारी रखने की हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों पर नए-नए आदेश पारित कर प्रताड़ित किया जा रहा है जिसको शिक्षक बर्दाश्त नहीं करेंगे। और इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी, मण्डल संयोजक शिवसागर मिश्रा द्वारा कहा गया कि जो शिक्षक रिटायर होने की कगार पर हैं, वह अब परीक्षा की तैयारी नहीं कर सकते। नये शिक्षक पहले से टेट क्वालीफाई हैं, परंतु अब टेट के अस्तित्व में आने से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपे जाने से समस्त शिक्षक मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहे हैं।



महासंघ मण्डल महामंत्री विश्वबन्धु पाण्डेय ने कहा कि सरकार समय समय पर शिक्षकों को किसी न किसी प्रकार अवैध प्रताड़ना देती रहती है। शिक्षक अपने भर्ती के समय इन्ही सरकारों के समस्त मानदण्डों को पूरा कर यहाँ तक पहुचा है। इस निर्णय को वापस होना चाहिए। इसी क्रम में महासंघ के जिला संयोजक हर्ष त्रिपाठी द्वारा कहा गया कि टेट 2011 से लागू हुआ है, उसके बाद के सभी शिक्षक इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद ही नियुक्त हुए हैं, परंतु सरकार द्वारा नियम बना कर इसे सभी शिक्षकों के ऊपर थोपा जा रहा है जो अनुचित है। इसके साथ ही सह संयोजक बी.के. मिश्रा ने सरकार के इस निर्णय को गैर जिम्मेदाराना और शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताणित करने वाला बताया।


महासंघ के घटक पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष मानवेन्द्र मिश्रा द्वारा कहा गया कि पूर्व के समस्त शिक्षकों द्वारा अपने चयन के समय की सारी योग्यताओं अर्हताओं को पूर्ण करने के बाद ही नियुक्ति पाई थी। किसी भी कर्मचारी के नियुक्त होने के उपरांत उस पर कोई नई शैक्षणिक योग्यता थोपना अन्यायपूर्ण है और सरकार को अपने इस नियम को रद्द करना चाहिए। महासंघ के घटक संयोजक अमर बहादुर सिंह द्वारा टेट अनिवार्यता का पुरजोर विरोध करते हुए कहा गया कि मशाल जुलूस के बाद भी यदि सरकार अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो महासंघ संसद भवन का घेराव करेगा। कार्यक्रम में नवनीत निगम, मोतीलाल सिंह, मनोज सोनी, आनंद यादव, अमरनाथ यादव, मीनू तिवारी, वंदना राजपूत, अनिल सिंह, मुकेश कुमार, दीपू शुक्ला, इकबाल, अनूप मिश्र, अरविंद वर्मा, कमलेश गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, अरविंद कुमार, अरविंद कुमार, किसान यूनियन से शिव सिंह, देवेंद्र सिंह, काशिफ भाई, अभिषेक केशरवानी, सुंदरलाल गुप्ता, लवलेश कुशवाहा, कुलदीप द्विवेदी, मलखान सिंह, रामचरित मिश्रा, आनंद मिश्रा, सत्य भूषण सिंह, परमानंद सिंह, सुनील सिंह, विनोद वर्मा सहित भारी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


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