चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में शुक्रवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) चित्रकूट में इला चैधरी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पाक्सो एक्ट एवं शिक्षा का अधिकार के विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों, विशेषकर पॉक्सो अधिनियम तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के बारे में जागरूकता फैलाना है। पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से बताया गया, यह भी बताया गया कि यह अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए बनाया गया है तथा इसके अंतर्गत किसी भी प्रकार के शोषण,
उत्पीड़न या दुव्र्यवहार के विरुद्ध सख्त दंड का प्रावधान है। बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि वे किसी प्रकार के शोषण का सामना करते हैं तो वे निःसंकोच इसकी शिकायत कर सकते हैं। पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों की पहचान को गोपनीय रखा जाता है तथा उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। बच्चों को हेल्पलाइन नंबरों एवं संबंधित संस्थाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकत पड़ने पर वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।
विदिशा भूषण सिविल जज (जू.डि.) द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम पर भी विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम ही नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास का आधार भी है। बच्चों को विद्यालय में नामांकन, उपस्थिति, तथा शिक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपने प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए। इस संवाद ने बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हे अपने अधिकारों के प्रति जानकारी प्रदान की गयी। योगेन्द्र सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में आवासित किशोर अपचारियों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम तथा उनके अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल अपचारियों को नैतिक शिक्षा एवं खराब आदतों पर सुधार लाने के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही बालकों के मूल अधिकारों के बारे जानकारी प्रदान की गयी। कुलदीप सिंह सहायक लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा शिक्षा के अधिकार के विषय पर विस्तार से बताया गया। साथ ही बताया गया कि भारत शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कानून है। यह केवल बच्चों का शिक्षा अधिकार ही नहीं देते बल्कि सामाजिक समानता, आर्थिक विकास एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके क्रियान्वयन से भारत एक शिक्षत व शसक्त राष्ट्र बन सकता है।
इस अवसर पर बीर सिंह संस्था प्रभारी, दीपक शर्मा परामर्शदाता, ममता वर्मा पैरालीगल वालेण्टियर व राजकीय सम्प्रेक्षण गृहा के कर्मचारी व बाल अपचारीगण मौजूद रहे।


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