बाँदा, के एस दुबे । जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर जनपद की दो प्रमुख समस्याओं—निजी स्कूलों की मनमानी और ओलावृष्टि से किसानों की बर्बादी—को लेकर दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रशासन से इन मुद्दों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। निजी स्कूलों की "गुंडागर्दी" और अभिभावकों का शोषण पर प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी पटेल के नेतृत्व में दिए गए पहले ज्ञापन में निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे आर्थिक शोषण पर कड़ा प्रहार किया गया। स्कूल प्रबंधन हर साल जानबूझकर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें बदलते हैं ताकि पुरानी किताबों का उपयोग न हो सके। इसके
अलावा, यूनिफॉर्म और शिक्षण सामग्री केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। जदयू ने मांग की है कि सभी स्कूलों में NCERT पुस्तकें अनिवार्य की जाएं और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाए। साथ ही, बिना खेल के मैदान वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की भी चेतावनी दी गई। साथ ही ओलावृष्टि से कराहता किसानो के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल द्वारा किसानों की दयनीय स्थिति पर ज्ञापन दिया गया। हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने बुंदेलखंड के किसानों की कमर तोड़ दी है।
मार्मिक अपील: ज्ञापन में कहा गया कि किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और फसलों की बर्बादी उसे आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है। मांग: राजस्व विभाग की टीमों द्वारा तत्काल पारदर्शी सर्वे कराया जाए और नुकसान का मुआवजा सीधे किसानों के खातों (DBT) में भेजा जाए। इसके अलावा, कृषि ऋणों की वसूली पर तत्काल रोक और ब्याज माफी की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस अवसर पर शालिनी सिंह पटेल और रवीन्द्र नाथ गुप्ता के साथ उमाकांत सविता (जिलाध्यक्ष) भुवनेश्वर तिवारी, सद्दाम हुसैन, कुँवर धनंजय सिंह, श्रीनाथ प्रजापति, पिंकी प्रजापति, अरुण गुप्ता बाबूलाल चौधरी , बिहारी लाल अनुरागी सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जदयू नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो पार्टी जनता के हितों के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।


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