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Wednesday, April 15, 2026

किसान दिवस में गरजे डीएम पुलकित गर्ग, योजनाओं में देरी पर जीरो टॉलरेंस

हर शिकायत के समाधान की डेडलाइन तय 

डीएम ने की योजनाओं की समीक्षा 

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस इस बार केवल औपचारिक बैठक नहींए बल्कि किसानों की पीड़ा और प्रशासनिक सख्ती का मंच बन गया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में उर्वरक, चकबंदी, मंडी व्यवस्था, जल जीवन मिशन, विद्युत आपूर्ति और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना से जुड़ी शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने दो टूक कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचने में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी। फार्मर रजिस्ट्री की समय सीमा बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक संकेत देते हुए उन्होंने ग्राम सचिवालयों में सचिव और लेखपाल की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिएए ताकि गांव स्तर पर ही समस्याएं सुलझ सकें। बियावल के 118 किसानों को फसल बीमा से वंचित किए जाने पर तत्काल जांच के आदेश दिए गए, वहीं मऊ के गेहूं क्रय केंद्र पर बोरों की कमी पर संबंधित

किसान दिवस में मौजूद डीएम व अन्य अधिकारीगण

अधिकारी को खुद निरीक्षण के निर्देश मिले। बिजली बिल की गड़बड़ियों के लिए कैंप लगाने की बात कही गई। साथ हीए डीएम ने किसानों से दलहन और मोटे अनाज की खेती अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि हर शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण अब प्रशासन की प्राथमिकता होगी। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, उप कृषि निदेशक राजकुमार, जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला, अग्रणी जिला प्रबंधक अनुराग शर्मा, खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा सहित संबंधित अधिकारी व प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

जिलाधिकारी को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन कलेक्ट्रेट सभागार सोनेपुर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह राही के नेतृत्व में पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए। कहा कि पाइप लीकेज और खराब हैंडपंपों के कारण गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। रबी फसल तैयार होने के बावजूद खरीद केंद्रों की कमी से समर्थन मूल्य मिलने में बाधा की बात कही गई। जायद फसल को गौशालाओं से छोड़े जा रहे पशुओं से खतरा बताया गया। साथ ही डीएपी खाद की उपलब्धताए फसल बीमा सूची सार्वजनिक करने और निर्माण कार्यों में मानकों के पालन की मांग उठी।


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