बांदा, के एस दुबे । बांदा के कचेहरी चौराहे पर स्थित अशोक लाट में तेज धूप में अपने अधिकारों की मांग कर रहे अनशनकारी को देखते ही जे डी यू नेत्री शालनी सिंह पटेल अपनी गाड़ी से उतर कर पीड़ित की समस्या समझी इसी दौरान पीड़ित के विभागीय अधिकारियों/ कर्मचारियों और शालनी पटेल के बीत अनशनकारी को न्याय दिलाए जाने की कोशिश के दौरान गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित होमगार्ड जवान राम सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि में होम गार्ड का जवान हु ।मेरी ड्यूटी खनिज विभाग बांदा में लगाई गई थी जिसका मेरे द्वारा पूरी निष्ठा से पालन किया जा रहा है।
मगर 23 फरवरी 2026 को कम्पनी कमांडेंट के द्वारा 08.55रात्रि को ओचक निरीक्षण किया गया जिसमे होमगार्ड ननकाई होमगार्ड भवानीदीन एवं होमगार्ड गंगा साहू उपस्थित मिले। शेष छह जवान खनिज अधिकारी के आदेशानुसार कार्य करते है। इससे नाराज होकर हमें नौकरी से हटाया जा रहा है जो गलत हैं। इसपर जेडीयू नेत्री शालनी सिंह पटेल का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि बांदा जिला प्रशासन पहले से ही बांदा के 1947 में गोविंद बल्लभ पंत जी के कर कमलों से अशोक लाट अनशन स्थल का उद्घाटन किया गया था। जिसमें कई लोगों ने अनशन कर न्याय पाया मगर अब सालों पुराने अनशन स्थल को जिला प्रशासन द्वारा सोची समझी साजिश के तहत खत्म किए जाने से अनशन कारी तेज धूम में बैठने को मजबूर है।


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