ब्लैक मार्केटिंग से खुशियों के घर में गैस त्रासदी का संकट
बांदा, के एस दुबे । घर में शादी हो और बरातियों का स्वागत बिना भोजन के हो तो कैसा लगेगा,जरा सोचिए युद्ध ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच हो रहा है और मुसीबतों का सामना शादी बरात के मौसम में घरातियों और बरातियों को करना पड़ रहा है। बमुश्किल अगर सिलेण्डर ब्लैक में मिल भी रहा है तो उसकी कीमत 25 हजार से 3 हजार रुपये के बीच है। एक तो गर्मी दूसरा महंगाई का तड़के ने खुशियों के माहौल को गमगीन बना दिया है।जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर ग्राम अछरौड़ के ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड नं. 6 के घासीराम निषाद ने कहा है कि शादी की सारी तैयारी हो चुकी है, पर ऐन वक्त पर बेटी का पिता भाई या परिजन रसोई गैस की व्यवस्था करनें में असमर्थ हो रहे हैं । हालत यह है कि गैस के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं,कोई इधर सिफारिश
लगा रहा है,कोई उधर सिफारिश लगा रहा है और कोई घर घर जाकर गैस कॉपी मांगकर गैस की व्यवस्था करनें के लिये चक्कर लगा रहा है। जो गैस बुकिंग पहले 20 दिनों में होती थी अब उसे बढ़ाकर 25 दिनों की अवधि सुनिश्चित कर दी गयी है। किन्तु इतनी जटिल प्रक्रिया के चलते लोगों को जो सिलेण्डर बुकिंग करनें के तुरन्त बाद मिलता था अब वही सिलेण्डर बुकिंग के एक सप्ताह बाद मिल रहा है। और वहीं पर यदि कालाबजारी की बात करें तो वही सिलेण्डर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर बिचौलिये एक सिलेंडर के 2500 से 3000 रुपये वसूल रहे हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी खुशियों के बीच इस ’ब्लैक’ की मार से टूट रहे हैं। निषाद ने डीएम से कहा कि आप बस एक आदेश जारी कर दें कि जिस घर में शादी है, वे अपनी गैस कॉपी के साथ ’शादी का कार्ड’ दिखाकर गैस एजेंसी से तुरंत सिलेंडर प्राप्त कर सकें या जिस प्रकार की व्यवस्था बेहतर रूप से बनायी जा सकती है बनायें। बहन-बेटियों की शादी में प्रशासन का यह सहयोग किसी वरदान से कम नहीं होगा।


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