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Monday, April 13, 2026

बांदा में अलंकार अग्निहोत्री का प्रहार—यूजीसी एक्ट, सवर्णों पर संगठित अपराध और सनातन अपमान पर सरकार को घेरा

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की बैठक में फर्जी एससी-एसटी एक्ट पीड़ित विष्णु तिवारी का मुद्दा उठा,

शंकराचार्य अपमान को बताया सनातन पर हमला; समाज को अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान

बांदा, के एस दुबे । राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री के बांदा आगमन पर सिविल लाइन स्थित पंडित संजय द्विवेदी ‘दनादन’ के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिकारी पंडित गोपी नाथ दनादन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। बैठक में विप्र समाज के लोगों से संवाद स्थापित किया गया, जिसमें करीब चार दर्जन संभ्रांत नागरिकों की उपस्थिति रही। इस दौरान समाज के अधिकार, वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों और कानूनों के प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।


कार्यक्रम में करीब 20 वर्षों तक फर्जी एससी-एसटी एक्ट में बंद रह चुके पीड़ित विष्णु तिवारी ललितपुर ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए अट्रोसिटी एक्ट में सुधार और न्याय की मांग उठाई। उपस्थित लोगों को उनके प्रकरण से अवगत कराया गया और कानून के कथित दुरुपयोग के कारण उनके जीवन पर पड़े प्रभाव को विस्तार से बताया गया। इस मुद्दे पर वक्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया।

मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने UGC एक्ट को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि इस कानून के कई प्रावधानों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज के खिलाफ संगठित अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने इसे शासन की अनदेखी करार देते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही बैठक में सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। अग्निहोत्री ने शंकराचार्य जी के कथित अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि “बटुकों की चोटी पकड़कर किया गया अपमान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और आस्था पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि आज समाज में जातिगत राजनीति हावी है और हर व्यक्ति की पहचान जाति से की जा रही है, जबकि ब्राह्मण समाज ने हमेशा त्याग और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सभी वर्गों से एकजुट होकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आयोजक पंडित संजय द्विवेदी ‘दनादन’ रहे। बैठक में प्रमुख रूप से सत्य प्रकाश द्विवेदी (अधिवक्ता), भगवान दीन गर्ग, राजेश दीक्षित, संतोष द्विवेदी, अभिषेक बाजपेयी, प्रेम सागर दीक्षित, ज्ञान चंद्र शुक्ला, प्रेम नारायण पांडे (बिसंडा), संकटा प्रसाद त्रिपाठी, अनिल तिवारी तथा श्याम बाबू त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन समाज में एकता, जागरूकता और अपने अधिकारों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।


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