बांदा, के एस दुबे । जनपद में लगातार बढ़ते तापमान के कारण बांदा का नाम दुनिया के नक्शे पर पहले नंबर पर आने से न सिर्फ आम लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं, बल्कि अब पर्यावरण को पटरी पर लाने के लिए विरोध की आवाजें भी बुलंद होने लगी हैं। भीषण जलसंकट और अंधाधुंध अवैध खनन के विरोध में सोमवार को जिले के जागरूक युवाओं और नागरिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए युवाओं ने बांदा के पर्यावरण को बचाने के लिए हुंकार भरी और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी दर्ज कराई।
आंदोलनकारी युवाओं ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक 10 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें बांदा के बिगड़ते पर्यावरण और जनसमस्याओं के समाधान हेतु कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं।विशेषज्ञ समिति का गठनरू बांदा के लगातार बढ़ते तापमान के कारणों के अध्ययन हेतु एक विशेषज्ञ समिति गठित हो, जो नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन पर काम करे। न्यायाधीश की अध्यक्षता में समितिरू अवैध खनन और वृक्षों की कटाई की शिकायतों के निपटारे के लिए न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सक्रिय और स्वतंत्र समिति बनाई जाए। हरित क्षेत्र में वृद्धिरू वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर तत्काल रोक लगे और जनपद का हरित क्षेत्र मौजूदा 2 प्रतिशत से बढ़ाकर न्यूनतम 15 प्रतिशत किया जाए। केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के प्रबंधन और प्रतिस्थापन दर पर भी जोर दिया जाए। केन नदी में अवैध खनन पर रोकरू केन नदी में अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसी जाए, पोकलैंड मशीनों द्वारा हो रहा खनन तुरंत बंद हो ताकि भूजल स्तर व नदी की जैव विविधता को बचाया जा सके। जलस्रोतों का पुनरुद्धाररू जलसंकट के समाधान के लिए तालाबों व नहरों से अतिक्रमण हटाकर उनका पुनरुद्धार किया जाए और सभी सार्वजनिक इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य की जाए। पहाड़ियों का खनन बंद होरू गिरवाँ व नरैनी क्षेत्र में पहाड़ियों का अवैध खनन तुरंत रोका जाए, क्योंकि ये पहाड़ियां गर्म हवाओं को रोकने में अवरोधक का काम करती हैं।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बांदा का तापमान आज एशिया में सबसे अधिक दर्ज किया जा रहा है। इस भीषण गर्मी से किसान, मजदूर और आम जनमानस बुरी तरह प्रभावित है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं और पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुँचाया जा रहा है। युवाओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि जमीनी स्तर पर इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई नहीं देने लगते। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारी युवाओं की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी ने युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल से विशेष मुलाकात भी की। इस बड़े आंदोलन में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से विनय निगम, लव सिन्हा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, अभय प्रताप सिंह, दीपक गुप्ता, अंकित आंबेडकर, राजेश अवस्थी, राकेश बाजपेई, अमित सेठ भोलू, राहुल द्विवेदी, अभिषेक बाजपेई, गोमित तिवारी, रजत दुबे, यश त्रिवेदी, अतुल साहू, घ् अवस्थी, आशीष अवस्थी, देवेंद्र अवस्थी, शिवा शुक्ला, अंकुर तिवारी, कुनाल श्रीवास, प्रदीप कुमार मिश्रा, पवन साहू, अखिलेश कुमार, संतोष कुमार द्विवेदी, रामशंकर राजपूत, अंशु निगम, शिवा निगम, अनिकेत गुप्ता, धीरज मिश्रा, अंकित वर्मा, योगराज सिंह, अनुपम अवस्थी, अजय दिवाकर, शुभम सिंह, सीमान्त खरे, अजीत पटेल, समीर कुरैशी, सीमा खान, सुनीता निगम, सुनील सक्सेना, सचिन चतुर्वेदी, सलमान खान, प्रदीप त्रिपाठी, भगत सिंह, आशीष पाठक, सूरज प्रजापति आदि सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment