प्रभु राम की वन गमन यात्रा
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट को रामायण सर्किट में एक नई और भव्य पहचान मिलने जा रही है। गणेशबाग क्षेत्र के बगरेही गांव के पास 11.38 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे श्री राम वाटिका ईको पार्क का निर्माण कार्य बेहद तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसकी आधिकारिक जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह ईको पार्क न केवल चित्रकूट में ईको और आध्यात्मिक पर्यटन को नई मजबूती देगा, बल्कि यहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगा। इस ईको पार्क की सबसे बड़ी
विशेषता यहां बनने वाले लाल बलुआ पत्थर के म्यूरल्स होंगे। इन कलाकृतियों के माध्यम से भगवान श्री राम की वन गमन यात्रा और उनके वनवास काल से जुड़ी स्मृतियों को बेहद जीवंत और दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पार्क में कलात्मक इंस्टॉलेशन और बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण भी लगाए जा रहे हैं।
पार्क में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 200 से 250 लोगों की क्षमता वाला एक ओपन-एयर एम्फीथिएटर बनाया जा रहा है। यहां भगवान राम के जीवन पर आधारित प्रोजेक्शन मैपिंग शो और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। श्री राम वाटिका ईको पार्क केवल एक पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि चित्रकूट की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक गौरव को एक मंच पर लाने का प्रयास है। यह परियोजना चित्रकूट को रामायण पर्यटन के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।


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