कानपुर, प्रदीप शर्मा - छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा 25 वर्षों के बाद पहली बार पर्यावरण विज्ञान विषय में पीएच.डी. प्रवेश प्रारंभ किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि पर्यावरण विज्ञान में पीएच.डी. कार्यक्रम से युवाओं को वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों पर शोध करने तथा समाजोपयोगी ज्ञान सृजन का अवसर मिलेगा। स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी एवं उप निदेशक डॉ.अंजू दीक्षित ने बताया कि विभाग द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी वर्तमान में विभिन्न सरकारी संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योगों तथा गैर-सरकारी संस्थाओं में योगदान दे रहे हैं। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. नमिता तिवारी ने बताया कि पर्यावरण विज्ञान में पीएच.डी. कार्यक्रम प्रारंभ होने से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पर्यावरणीय चुनौतियों के वैज्ञानिक अध्ययन तथा उनके नवीन समाधान विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।
शोध एवं विकास प्रकोष्ठक अधिष्ठाता डॉ नमिता तिवारी ने बताया कि पीएच.डी. उपाधि प्राप्त शोधार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक आचार्य, वैज्ञानिक एवं शोध मार्गदर्शक, पर्यावरण मंत्रालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न सरकारी एजेंसियों में विशेषज्ञ, उद्योग एवं कॉर्पोरेट क्षेत्र में पर्यावरणीय अनुपालन विशेषज्ञ तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शोध एवं परामर्शदाता के रूप में व्यापक रोजगार एवं करियर अवसर उपलब्ध हैं। पर्यावरण विज्ञान विभाग की समन्वयक डॉ. द्रौपदी यादव ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय समस्याओं की वैज्ञानिक समझ विकसित करना तथा उनके समाधान हेतु शोध-आधारित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान विषय में कुल 12 सीटों पर पीएच.डी. प्रवेश किया जाएगा। विभिन्न बहुआयामी विषयों के शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं ने भी पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य करने के लिए अपनी रुचि व्यक्त की है।


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