"जब भुगतान ही नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार कहां से हुआ?" — ईओ, अध्यक्ष व सभासद ने आरोपों को बताया निराधार
देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश, उन्नाव (पुरवा)। बिलेश्वर महादेव मंदिर तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में कथित 60 लाख रुपये के भ्रष्टाचार और भुगतान के आरोपों को लेकर पुरवा नगर पंचायत प्रशासन ने अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रही खबरों के बीच नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, अध्यक्ष और क्षेत्रीय सभासद ने आरोपों को तथ्यों से परे बताया है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संदीप कुमार ने कहा कि संबंधित कार्य के लिए अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में 60 लाख रुपये के गबन या वित्तीय अनियमितता के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यात्मक जांच के सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू गुप्ता ने भी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि किसी भी कार्यदायी संस्था के भुगतान की प्रकिया तभी कराई जाती है जब कार्य पूरा हुआ हो,उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में न तो कोई भुगतान हुआ है और न ही कार्यदायी संस्था "मेसर्स संदीप शुक्ला कंस्ट्रक्शन" को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना प्रमाण के जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
वार्ड संख्या-1 की सभासद ज्योति वर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र में मंदिर जीर्णोद्धार कार्य का प्रस्ताव अवश्य था, लेकिन इसके लिए कोई धनराशि स्वीकृत अथवा जारी नहीं की गई। ऐसे में भुगतान और धन के दुरुपयोग से जुड़े आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर बिलेश्वर महादेव मंदिर तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में लगभग 60 लाख रुपये के कथित घोटाले के आरोप लगाए जा रहे हैं। जो पूरी तरह से झूठे और निराधार है।

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