जल जीवन संकट में, स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
बांदा, के एस दुबे । जिले में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने सत्ताधारी भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर स्थानीय प्रशासन और सरकार पर भ्रष्टाचार, अवैध खनन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा नेताओं का साफ कहना है कि सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और कागजी दावों के विपरीत धरातल पर जनता परेशान है।जहाँ समाजवादी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखा हमला बोला है। सपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन कुशवाहा, पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल, पूर्व सांसद कृष्णा देवी पटेल और पूर्व मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद समेत कई दिग्गजों ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। केन-यमुना नदियों में अवैध खनन से लेकर जल जीवन मिशन में गड़बड़ी और मेडिकल कॉलेज की खस्ताहाली को लेकर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
प्रेसवार्ता के दौरान सपा नेताओं ने बांदा की लाइफलाइन कही जाने वाली केन, बागेन और यमुना नदियों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े रसूखदार लोगों के संरक्षण में इन नदियों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू और मौरंग का खनन किया जा रहा है। पोकलैंड मशीनों के जरिए नदियों की प्राकृतिक जलधारा को बदला जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि तटीय इलाकों के किसानों की उपजाऊ जमीनें भी बर्बाद हो रही हैं। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को लेकर भी सपा ने बड़े घोटाले की आशंका जताई है। नेताओं का कहना है कि गांवों में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पक्की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। कागजों पर तो कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण दिखाकर बजट ठिकाने लगा दिया गया, लेकिन आज भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर बोलते हुए विपक्ष ने कहा कि बुंदेलखंड के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान को सिर्फ एक रैफरल सेंटर बनाकर रख दिया गया है। यहाँ कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक उपकरणों की भारी कमी है। गरीब मरीजों को इलाज के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है और गंभीर हालत में उन्हें कानपुर या लखनऊ रैफर कर दिया जाता है, जिससे रास्ते में ही कई लोग दम तोड़ देते हैं। भाजपा सरकार में कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अवैध खनन से लेकर स्वास्थ्य और पेयजल योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। समाजवादी पार्टी इन सभी मामलों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग करती है। यदि सरकार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा जन-आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


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