बेंदा खदान में प्रतिबंधित मशीनों से यमुना का सीना छलनी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, June 13, 2026

बेंदा खदान में प्रतिबंधित मशीनों से यमुना का सीना छलनी

बांदा, के एस दुबे । जनपद के तिंदवारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेंदा बालू खदान में इन दिनों नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अवैध खनन माफिया बिना किसी खौफ के यमुना नदी का सीना छलनी करने में जुटे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि नदी के भीतर एनजीटी द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित भारी पोकलैंड मशीनें दिन-रात नदी की तलहटी को बेरहमी से खोद रही हैं, जिससे पर्यावरण और जलीय जीवन को भारी नुकसान पहुंच रहा है। नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर खनन माफियाओं ने बालू के परिवहन के लिए यमुना नदी की प्राकृतिक जलधारा को ही मोड़ दिया है। नदी के बीचों-बीच आवागमन के लिए एक अवैध अस्थाई पुल का निर्माण कर लिया गया है। एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि नदी की जलधारा को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जा


सकता और न ही जलधारा के भीतर मशीनों से खनन किया जा सकता है, लेकिन बेंदा खदान में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा अवैध और अनियंत्रित खनन खेल अशोक और बबलू नामक व्यक्तियों के इशारे पर संचालित किया जा रहा है। भारी-भरकम मशीनों से हो रहे अंधाधुंध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है। नदी के बीच में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे आगामी बरसात के मौसम में आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बेहद बढ़ गया है।

इसके अलावा, दिन-रात भारी मशीनों के चलने और पानी का रास्ता बदले जाने के कारण यमुना नदी का इकोसिस्टम पूरी तरह तबाह हो रहा है। पानी में रहने वाले कछुए, मछलियां और अन्य दुर्लभ जलीय जीव असमय काल के गाल में समा रहे हैं, जिससे पर्यावरण विशेषज्ञ बेहद चिंतित हैं। हैरानी की बात यह है कि दिन के उजाले में खुलेआम चल रहे इस महाघोटाले पर संबंधित खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रशासन और खनन माफियाओं के बीच गहरी मिलीभगत है, जिसके चलते बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला अधिकारी  बांदा और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस अवैध खनन को तुरंत बंद कराया जाए और यमुना की जलधारा को बर्बाद करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages