देवेश प्रताप सिंह राठौर
सीएमएस के हस्तक्षेप के बाद दोबारा भर्ती
उत्तर प्रदेश, उन्नाव। जिला अस्पताल उमा शंकर दीक्षित की इमरजेंसी के बाहर रविवार को इलाज में कथित लापरवाही से नाराज एक मरीज शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गया। मरीज ने आरोप लगाया कि रेफर होकर आने के बावजूद उसे पूरी रात समुचित उपचार नहीं मिला। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुनील कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे और मरीज को समझाकर दोबारा भर्ती कराया। मरीज चंद्रकुमार ने बताया कि उसे शनिवार रात अचलगंज क्षेत्र के लोहचा से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उसे केवल ग्लूकोज चढ़ाया गया, जबकि पेट दर्द की लगातार शिकायत के बावजूद किसी चिकित्सक ने उसकी गंभीरता से जांच नहीं की। पूरी रात दर्द से परेशान रहने के बाद उसने विरोध स्वरूप इमरजेंसी के बाहर अकेले धरने पर बैठकर अपनी नाराजगी जताई।
धरने की सूचना मिलने पर सीएमएस डॉ. सुनील कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने मरीज से बातचीत कर उसकी शिकायत सुनी और तत्काल दोबारा भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया। सीएमएस डॉ. सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि मरीज को पेट दर्द की शिकायत है। प्रारंभिक जांच में उसके लीवर से संबंधित समस्या सामने आई है। उन्होंने कहा कि मरीज को भर्ती कर आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है तथा उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने मरीज को बेहतर उपचार का आश्वासन दिया है, लेकिन चंद्रकुमार ने इलाज में हुई कथित लापरवाही को लेकर अपनी नाराजगी बरकरार रखी है। घटना के बाद जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।


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