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Friday, June 19, 2026

सीएचसी हरदों में सीएमओ का औचक निरीक्षण

अधीक्षक समेत कई कर्मचारियों का वेतन रोका

खागा, फतेहपुर, मो शमशाद । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरदों में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. उदयभान सिंह के औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति, गंदगी, अभिलेखों में खामियां तथा स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मिलने पर सीएमओ ने अधीक्षक समेत कई कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. सरल सोनी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा आरबीएसके टीम के चिकित्सक डॉ. जफर और डॉ. पुष्पेंद्र, बीपीएम ऐश्वर्या तथा अन्य कर्मचारी भी ड्यूटी से गायब पाए गए। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे डेंटल सर्जन डॉ. वीरेंद्र चैधरी का कक्ष बंद मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीसीपीएम सुधीर शर्मा द्वारा सही जानकारी न देने पर भी कार्रवाई की गई।

सीएचसी का निरीक्षण करते सीएमओ

सीएमओ ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान कर्मचारियों के पद अंकित न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिना पदनाम के यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन कर्मचारी किस जिम्मेदारी पर तैनात है। निरीक्षण में अस्पताल परिसर, ड्रेसिंग रूम तथा कर्मचारियों के कक्षों में गंदगी और मकड़ी के जाले पाए गए। डाटा ऑपरेटरों एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। अस्पताल का जनरेटर खराब मिलने और इंजेक्शन कक्ष की वायरिंग जर्जर होने पर भी जवाब तलब किया गया। एफआरयू सेंटर होने के बावजूद अस्पताल में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का कोई डिस्प्ले बोर्ड नहीं मिला। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रशासन से पिछले तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों तथा खर्च की गई धनराशि का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है। दवा भंडार कक्ष के निरीक्षण में एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी मिलने पर फार्मासिस्ट जगतपाल सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं स्टोर रूम में बड़ी संख्या में सी-सीबीएसी फॉर्म डंप मिलने पर भी अधीक्षक को फटकार लगाई गई। निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स अंशिका द्वारा की गई शिकायत के बाद उन्हें कथित रूप से धमकाने का मामला भी सामने आया। सीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक से अलग से जवाब मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और कर्मचारियों के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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