44.53 करोड़ रुपये की 'रामजानकी पंप नहर' परियोजना जल्द जनता को होगी समर्पित
20 सितंबर 2023 से शुरू हुआ मिशन, डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से रिकॉर्ड समय में 95% काम हुआ पूरा
नवंबर 2026 की समय-सीमा से पहले काम निपटाने में जुटा जल शक्ति विभाग
बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड को सूखा और जल संकट से मुक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। जिले के बड़ोखर ब्लाक के किसानों की दशकों पुरानी सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए शुरू की गई 44.53 करोड़ रुपये की 'रामजानकी पंप नहर परियोजना' का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
परियोजना का लगभग 95%कार्य हुआ पूर्ण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष प्राथमिकताओं में शामिल इस परियोजना ने विकास की रफ्तार का नया रिकॉर्ड कायम किया है। जहां पूर्ववर्ती सरकारों में ऐसी बड़ी योजनाएं दशकों तक फाइलों और प्रशासनिक कछुआ चाल में दबी रहती थीं वहीं योगी सरकार की कड़ी निगरानी और प्रतिबद्धता के कारण इस मिशन का 95 फीसदी काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है। इस दूरदर्शी परियोजना की शुरुआत 20 सितंबर 2023 को हुई थी। जल शक्ति विभाग को इसे पूरा करने के लिए नवंबर 2026 तक की समय-सीमा दी गई थी। लेकिन अधिकारियों की तत्परता और सरकार के सख्त रुख के चलते यह काम अपनी तय डेडलाइन से महीनों पहले सिमटने की कगार पर है।
20 क्यूसेक की विशाल क्षमता से लैस यह आधुनिक पंप नहर परियोजना
यह आधुनिक पंप नहर 20 क्यूसेक की विशाल जल क्षमता से लैस है। इसके पूरी तरह चालू होते ही बड़ोखर ब्लाक के हजारों किसानों के खेतों तक सीधे पानी पहुंचेगा। जिससे सालों से चली आ रही सिंचाई की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। यानी कि बुंदेलखंड की प्यासी और उपजाऊ मिट्टी को जब समय पर पानी मिलेगा तो किसानों की फसलें लहलहा उठेंगी और क्षेत्र में समृद्धि का नया सवेरा होगा। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में इस त्वरित विकास को लेकर भारी उत्साह है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सीएम योगी के राज में बुंदेलखंड को उसका हक मिला है वरना पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र को सिर्फ वादों के भरोसे छोड़ दिया था। योगी सरकार के कार्यकाल में बुंदेलखंड की बदहाली अब खुशहाली में बदल रही हैं। अब खेतों तक पानी पहुंचाने की इस बड़ी मुहिम से क्षेत्र का जल संकट पूरी तरह मिट रहा है। मुस्तैदी से जुटे जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे 5 प्रतिशत काम को भी युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द इसे जनता को समर्पित किया जा सके।


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