बांदा, के एस दुबे । भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के दिशा-निर्देशों के तहत बांदा में आगामी चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य एजेंडा जनपद में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान स्थलों का समायोजन और आलेख्य मतदेय स्थल सूची-2026 की समीक्षा करना था।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि जनपद के सभी मतदान स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरी तरह से संपन्न हो चुका है और आलेख्य सूची का प्रकाशन 04 जुलाई 2026 को ही किया जा चुका है। चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य मतदाताओं को सहूलियत देना है। किसी भी मतदाता को अपने वोट का प्रयोग करने के लिए 02 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। बुजुर्गों और आम लोगों की सुविधा के लिए मतदान स्थल यथासंभव सरकारी भवनों के भूतल पर ही बनाए जाएंगे। जिन मतदान स्थलों पर 300 से कम मतदाता हैं, उन्हें पास के बड़े केंद्रों में समायोजित किया जाएगा। सभी केंद्रों पर दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैंप, शुद्ध पेयजल और क्रियाशील शौचालयों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन द्वारा तैयार किए गए नए खाके के अनुसार, समायोजन की प्रक्रिया के बाद अब पूरे जनपद में कुल 833 मतदान केन्द्र और 1537 मतदान स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। समीक्षा में यह बात सामने आई है कि जनपद की चारों विधानसभाओंकृतिन्दवारी, बबेरू, नरैनी और बांदाकृमें कुल 25 मतदान स्थल ऐसे हैं, जहां पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। नियमों के मुताबिक इन सभी स्थलों पर मतदाताओं के दबाव को कम करने के लिए समायोजन की कार्रवाई की जा रही है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रकाशित आलेख्य सूची का अवलोकन कर लें। यदि किसी को भी इस सूची पर कोई आपत्ति है या कोई रचनात्मक सुझाव देना चाहता है, तो वे जिला निर्वाचन कार्यालय में इसे दर्ज करा सकते हैं। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 31 जुलाई 2026 तक अंतिम प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।


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