लाइसेंस शुल्क व कर निर्धारण पर हुई चर्चा
शुल्क निर्धारण पर एक माह तक दर्ज कराई जा सकेगी आपत्ति
फतेहपुर, मो शमशाद । जिला पंचायत सभागार में अपर मुख्य अधिकारी ज्ञानधन सिंह, कर अधिकारी नीरज वर्मा एवं राजस्व निरीक्षक राहुल सिंह की अध्यक्षता में व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आबकारी दुकानों के जिला पंचायत लाइसेंस शुल्क, विभव कर एवं संपत्ति कर के शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कर एवं शुल्क की समान रूपरेखा लागू किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान कस्बों में जिला पंचायत द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों तथा व्यापारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष
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| जिला पंचायत की आयोजित बैठक में भाग लेते व्यापारी। |
रखे, जिन्हें अधिकारियों ने गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया। अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि जनपद के व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक तीन माह में व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही लाइसेंस शुल्क, विभव कर एवं संपत्ति कर के निर्धारण के संबंध में व्यापारियों को एक माह तक आपत्ति दर्ज कराने की स्वतंत्रता भी दी जाएगी। उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने कहा कि तहसील एवं कस्बा क्षेत्र के व्यापारियों के लिए लाइसेंस शुल्क, विभव कर और संपत्ति कर की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से प्राप्त राजस्व का उपयोग उनके हित में सुविधाएं विकसित करने पर किया जाए, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो तथा व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में व्यापारी प्रतिनिधियों में किशन मेहरोत्रा, प्रदीप गर्ग, शिवचन्द्र शुक्ला, संजय गुप्ता, चन्दन सिंह चैहान, बृजेश सोनी, अमित शरण बाबी, अभिनव यादव, जितेन्द्र यादव, सोनू, प्रमोद गुप्ता, बबलू गुप्ता, मासूम सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे। जिला पंचायत की ओर से सहायक राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार, अमित कुमार, करणवीर सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह एवं आदेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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