नगर पालिका की लापरवाही से सूख गए सैकड़ों पौधे
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए करोड़ों रुपये के बजट से वृहद वृक्षारोपण संकल्प अभियान चला रही है, लेकिन बांदा जिले में इस योजना की जमीनी हकीकत सरकारी दावों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। वन विभाग से आए सैकड़ों फलदार और छायादार पौधे रोपे जाने के बजाय अधिकारियों की घोर लापरवाही की भेंट चढ़कर सूख रहे हैं। मामला नगर पालिका क्षेत्र के क्योटरा हरदौली घाट मुक्तिधाम परिसर का है, जहाँ नवनिर्मित विद्युत शवदाह गृह के पास सैकड़ों पौधे बेकद्री के साथ किनारे पड़े-पड़े दम तोड़ चुके हैं। सरकार की मंशा थी कि इन पौधों को नगर पालिका के माध्यम से वितरित किया जाएगा और
मुक्तिधाम परिसर को हरा-भरा बनाया जाएगा। लेकिन जिम्मेदार तंत्र ने पौधों को रोपने या जनता में बांटने के बजाय कड़कती धूप में सूखने के लिए लावारिस छोड़ दिया। मुक्तिधाम के माली के अनुसार, वन विभाग से हरे-भरे चले ये पौधे नगर पालिका के लोडर तक आते-आते ही सूखने लगे थे। जो बचे-खुचे पौधे यहाँ लाए भी गए, उन्हें रोपने के बजाय ऐसे ही छोड़ दिया गया।
वृक्षारोपण सप्ताह के दौरान बड़े-बड़े नेता, नगर पालिका ईओ और चेयरमैन फोटो खिंचवाने तो पहुँचते हैं, लेकिन उनके जाते ही इन पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सरकारी बजट को पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन बांदा नगर पालिका की इस लापरवाही पर उच्चाधिकारी मौन साधे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि सरकारी धन की बर्बादी और पर्यावरण के साथ इस खिलवाड़ पर बांदा जिलाधिकारी या संबंधित विभाग के उच्चाधिकारी क्या कड़ा कदम उठाते हैं, या फिर कागजों पर ही जिले को हरा-भरा दिखाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।


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